






भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान की राजनीति में 25 अगस्त का दिन सत्ता समन्वय बैठक के नाम रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांसदों, विधायकों और भाजपा पदाधिकारियों के साथ संवाद स्थापित कर 2047 तक के रोडमैप का खाका खींचा। बैठक का मकसद साफ था, राज्य सरकार की योजनाओं को गांव-ढाणी से लेकर कस्बों तक असरदार तरीके से पहुँचाना और अंत्योदय की नीति को जमीनी हकीकत में बदलना। सीएम शर्मा ने कहा कि गरीब, किसान, युवा और महिला कल्याण उनकी सरकार की प्राथमिकता है। राजस्थान की तस्वीर तभी बदलेगी, जब गांव की तकदीर बदलेगी। हर योजनाओं का असर सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। यही हमारे कामकाज का केंद्र है।

बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा पानी का रहा। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, राम जल सेतु लिंक परियोजना और रिचार्ज संरचनाओं पर तेजी से काम करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में इस परियोजना के जरिए 3 करोड़ आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा और 4 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।

सिंचाई और पेयजल दोनों ही राजस्थान के लिए जीवनरेखा जैसे मुद्दे हैं। इसलिए सीएम ने अधिकारियों और नेताओं से इस दिशा में तेजी लाने का आह्वान किया। साथ ही किसानों के लिए दिन में बिजली और 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।

पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अब गांवों की पहचान की जाएगी और उन गांवों को गरीबी मुक्त बनाने का अभियान चलेगा। योजना के मुताबिक 500 गांवों के बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का लक्ष्य तय किया गया है। राठौड़ ने कहा कि यह काम धरातल पर सक्रिय नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मदद से संभव होगा। योजनाओं की असली सफलता तब दिखेगी जब गांवों की तस्वीर बदलेगी।

बैठक में शिक्षा सुधार भी बड़ा मुद्दा रहा। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों का दौरा करेंगे और सुधार की रिपोर्ट देंगे। इसमें जर्जर भवनों की मरम्मत, नए निर्माण और आवश्यक संसाधनों की सूची शामिल होगी।

परनामी ने साफ कहा कि शिक्षा सुधार के लिए धन की कोई कमी नहीं है। सीएम के दिल्ली दौरे में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से 1400 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। लक्ष्य है कि राजस्थान का एक भी स्कूल जर्जर हालत में न रहे।
बैठक में जनप्रतिनिधियों को सेवा और संगठन से जोड़ने पर भी बल दिया गया। राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा और 29 सितंबर से 31 अक्टूबर तक सांसद खेल महोत्सव का आयोजन होगा। वहीं, सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 150 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी।

पार्टी नेताओं ने दावा किया कि ये आयोजन न सिर्फ संगठन को सक्रिय करेंगे बल्कि भाजपा को जमीनी स्तर पर और मजबूती देंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक महज योजनाओं और विकास की बातें करने का मंच नहीं थी, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी हैं। मुख्यमंत्री ने सत्ता और संगठन के बीच तालमेल साधने की कोशिश की। 2047 का रोडमैप सामने रखकर सीएम ने संकेत दे दिया है कि सरकार अल्पकालिक राजनीतिक लाभ से आगे बढ़कर दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करना चाहती है। बैठक के जरिए भाजपा विधायकों और सांसदों को यह भी संदेश दिया गया कि उन्हें सिर्फ विधानसभा या लोकसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना, बल्कि गांव-ढाणी तक योजनाओं का असर सुनिश्चित करना है।

संवाद का पहला दिन बीत चुका है। आज यानी 26 अगस्त को संवाद का दूसरा दिन है। उम्मीद है कि इसमें भी संगठन और सरकार के बीच तालमेल की रणनीति पर और गहन चर्चा होगी। खासकर जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय नेताओं को लेकर कार्ययोजना तय होगी। वरिष्ठ पत्रकार विमल चौहान ‘भटनेर पोस्ट डॉट कॉम’ से कहते हैं, ‘भजनलाल शर्मा सरकार की यह पहल दोहरे मकसद को साधने की कोशिश है। एक तरफ विकास की ठोस योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन और दूसरी ओर सत्ता-संगठन के बीच समन्वय। 2047 तक का रोडमैप पेश कर सीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान को दीर्घकालिक दृष्टि से तैयार करना ही सरकार का लक्ष्य है। अब चुनौती यही है कि इन घोषणाओं और योजनाओं को जमीनी हकीकत में कैसे बदला जाए।’


