




भटनेर पोस्ट डेस्क
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव को भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक स्वरूप देने के संकल्प के साथ सर्व ब्राह्मण महासभा की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। इसी कड़ी में सेक्टर-06 स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित बैठक में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और गणमान्यजनों की मौजूदगी ने आयोजन की गंभीरता और व्यापकता को स्पष्ट कर दिया। बैठक में न केवल कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई, बल्कि जिम्मेदारियां बांटकर यह संदेश भी दिया गया कि यह आयोजन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और आस्था का सामूहिक उत्सव होगा।
बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ संरक्षक कुंज बिहारी महर्षि, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता चिरंजीलाल शर्मा, राजस्थान ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष गिरीराज शर्मा, वरिष्ठ एडवोकेट एवं पब्लिक नोटेरी ओमप्रकाश वशिष्ठ, भीमसेन पारीक एवं शंकरलाल शर्मा ने संयुक्त रूप से की। बैठक का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित सदस्यों ने जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। बैठक में पूरे उत्साह, गंभीरता और सामूहिक सहभागिता का माहौल देखने को मिला।

सर्व ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शर्मा ने सभी सुझावों पर विचार-विमर्श करते हुए कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित भगवान श्री परशुराम चौक पर प्रातः 7.30 बजे सामूहिक पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर बाद शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय की गईं। भगवान श्री परशुराम चौक की सजावट का दायित्व शांतिप्रकाश बिस्सा, गोपाल शर्मा (शेरु) और नरेश पुरोहित को सौंपा गया। पूजा-अर्चना कार्यक्रम का प्रभारी एडवोकेट मनोज शर्मा को बनाया गया है।

शोभायात्रा के सफल संचालन के लिए एक विस्तृत टीम गठित की गई है, जिसमें राजीव मिश्रा, विजय कुमार शर्मा, एडवोकेट हिमांशु शर्मा, गोपाल शर्मा (शेरु), लोकेश शर्मा, पवन ओझा, कमल शर्मा, प्रवीण सारस्वत, पुरुषोत्तम कौशिक, विपिन शर्मा, ओमप्रकाश शौर्य, विनोद शर्मा, नीपेन शर्मा, गजानंद शर्मा, विजय बिस्सा, एडवोकेट पंकज शर्मा, मुकेश महर्षि एवं एडवोकेट हेमंत जौल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इसके अतिरिक्त, पूरे आयोजन की निगरानी और समन्वय के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में वरिष्ठ एडवोकेट रामानंद बोहरा, पूर्व उपसभापति कालूराम ओझा, चंद्रभान तिवारी, महेंद्र शर्मा, मूलचंद शर्मा, अशोक व्यास, साहबराम शर्मा, लोकराज शर्मा, सुधीर जोशी, एडवोकेट अनिल शर्मा, एडवोकेट ओमप्रकाश वशिष्ठ, एडवोकेट मदन पारीक और नरेशचंद्र शर्मा सहित अनेक अनुभवी और समर्पित सदस्यों को शामिल किया गया है।
बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शर्मा और पंडित गिरीराज शर्मा ने समाज के सभी विप्रजनों से आह्वान किया कि वे भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाएं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता, संस्कार और परंपरा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में एडवोकेट हेमंत जौल, सतपाल शर्मा, सतपाल सिंह, बंशीलाल शर्मा, पुरुषोत्तम कौशिक सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और आयोजन को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक का संचालन संगठन महासचिव चंद्रमान तिवारी ने किया। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव को पूरे श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता के साथ मनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक इसकी परंपरा और संदेश सशक्त रूप से पहुंच सके।





