



भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जिले में शीतलहर ने रफ्तार पकड़ ली है और ठंड का असर अब दिन में भी साफ महसूस किया जा रहा है। गुरुवार को आसमान साफ रहा, कोहरा नहीं था, फिर भी उत्तरी दिशा से बह रही सर्द हवाओं ने दिन भर कंपकंपी छुड़ाए रखी। रात के समय न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। दिन का अधिकतम तापमान भी 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे ठंड की तीव्रता और बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान लगातार नीचे जा रहा है। जनवरी के शुरुआती सप्ताह में जहां न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री के बीच था, वहीं अब यह फिसलकर 4 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। सुबह-शाम काम पर निकलने वाले कर्मचारी, छात्र और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई इलाकों में लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते दिख रहे हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन में उत्तर और मध्य भारत के साथ राजस्थान में भी शीतलहर जैसी स्थितियां बने रहने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने और आसमान साफ रहने के कारण रात में धरती की सतह से तेजी से विकिरणीय शीतलन हो रहा है। यही वजह है कि पारा तेजी से गिर रहा है। अगले 2-3 दिनों तक न्यूनतम तापमान और नीचे जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि ठंडी हवाएं चलती रहेंगी।

कृषि क्षेत्र पर भी इस ठंड का असर पड़ रहा है। कृषि मौसम सलाहों में किसानों को रात के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि पाले से फसलों को बचाया जा सके। नर्सरी, सब्जी और फूलों की फसलों को विशेष सावधानी की जरूरत बताई गई है। पशुपालकों को पशुओं को खुले में न बांधने और ठंड से बचाव के इंतजाम करने की हिदायत दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनने, गरम पेय लेने और सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल मौसम का मिजाज सख्त बना हुआ है और हनुमानगढ़ को कड़ाके की ठंड से तुरंत राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
फोटो एआई से जनरेटेड।



