





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी यही है कि जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि संसद में उनके क्षेत्र और जीवन से जुड़े मुद्दों को कितनी मजबूती से उठाता है। आमतौर पर मतदाता यही अपेक्षा रखते हैं कि उनका सांसद केवल संसद भवन की सीट तक सीमित न रहे, बल्कि वहाँ जाकर उनके सवालों को राष्ट्रीय पटल पर रखे। यही कारण है कि सांसदों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अक्सर इस आधार पर किया जाता है कि उन्होंने संसद सत्र के दौरान कितने प्रश्न उठाए।

हाल ही संपन्न मानसून सत्र में कुल 5,248 सवाल संसद में पूछे गए। इनमें से राजस्थान के 20 सांसदों ने मिलकर 472 प्रश्न रखे। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से राजस्थान के भागीरथ चौधरी, भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल मंत्री पद पर होने के कारण सवाल पूछने के बजाय जवाब देने की भूमिका में रहे, वहीं कोटा से सांसद ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हैं।

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस नेता व सांसद कुलदीप इंदौरा ने इस सत्र में 19 प्रश्न संसद में रखे। यह संख्या प्रदेश के औसत के करीब है। हालांकि, क्षेत्रीय अपेक्षाओं के लिहाज से मतदाता यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि पूछे गए प्रश्न कितने प्रभावी रहे और उनमें स्थानीय हितों की कितनी झलक दिखाई दी।

सवाल पूछने में सबसे आगे जालोर से सांसद लुंबाराम चौधरी रहे, जिन्होंने 48 प्रश्न उठाकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, पाली से सांसद पीपी चौधरी और उदयपुर के डॉ. मन्नालाल रावत ने 41-41 सवाल पूछकर उल्लेखनीय सक्रियता दिखाई।
इसके अलावा, राजसमंद की महिमा कुमारी मेवाड़ ने 35, भीलवाड़ा से दामोदर अग्रवाल ने 39 और झालावाड़-बारां से दुष्यंत सिंह ने 25 सवाल रखे। वहीं, सबसे कम सवाल पूछने वालों की सूची में करौली-धौलपुर के कांग्रेस सांसद भजनलाल जाटव सबसे पीछे रहे। उन्होंने पूरे मानसून सत्र में केवल 4 सवाल ही संसद में रखे।

अन्य सांसदों के प्रदर्शन की बात करें तो चित्तौड़गढ़ से सीपी जोशी ने 12 सवाल, चूरू से राहुल कास्वां 23, नागौर से हनुमान बेनीवाल 22, सीकर से अमराराम 22 सवाल, टोंक-सवाई माधोपुर से हरिशचंद्र मीणा 17, झुंझुनूं से बृजेंद्र सिंह ओला 14, भरतपुर से संजना जाटव 10, बांसवाड़ा से राजकुमार रोत 19, दौसा से मुरारी लाल मीणा 19, जयपुर शहर से मंजू शर्मा 21, जयपुर ग्रामीण से राव राजेंद्र सिंह 21 व बाड़मेर-जैसलमेर से उम्मेदाराम बेनीवाल ने 20 सवाल पूछे।

यह आँकड़े बताते हैं कि राजस्थान के सांसदों का प्रदर्शन एक समान नहीं रहा। कुछ सांसद सक्रिय भूमिका में दिखे, तो कुछ अपेक्षा से बहुत पीछे रह गए। श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा ने 19 सवाल पूछे, जो औसत श्रेणी में गिने जा सकते हैं। लेकिन सवालों की गुणवत्ता और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनका फोकस ही यह तय करेगा कि मतदाता उन्हें कितना सफल मानते हैं।





