






भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की केंद्र सरकार से समयपूर्व प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है। वर्तमान में दिल्ली स्थित ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डवलपमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत शर्मा को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए तत्काल प्रभाव से उनके मूल कैडर राजस्थान में वापस भेजने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की आधिकारिक सूचना गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन को भेज दी गई है, साथ ही संबंधित विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसके बाबत जानकारी प्रेषित कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, राजीव शर्मा आज यानी 3 जुलाई को जयपुर में बतौर पुलिस महानिदेशक पदभार ग्रहण कर सकते हैं। संभावना है कि राजस्थान सरकार इस संबंध में शीघ्र ही अधिकारिक नियुक्ति आदेश जारी कर देगी।
परिवार में खुशी का माहौल
राजीव शर्मा की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने और राजस्थान लौटने की खबर के बाद उनके मूल निवास मथुरा में उत्सव जैसा माहौल है। परिवार के सदस्यों का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयां दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयों के संदेश भेजे जा रहे हैं।
कौन हैं राजीव कुमार शर्मा?
राजस्थान कैडर के 1990 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा देश के सबसे अनुभवी और सम्मानित पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निवासी शर्मा ओबीसी वर्ग से आते हैं और उन्हें पुलिस व प्रशासनिक कार्यों में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे राजस्थान में भरतपुर और जयपुर (उत्तर) में पुलिस अधीक्षक रहे हैं। भरतपुर और बीकानेर रेंज के आईजी के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीजी के रूप में भी उन्होंने अपनी सख्त कार्यशैली से पहचान बनाई। इसके अतिरिक्त वे डीजी (कानून-व्यवस्था) और राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक पद पर भी कार्य कर चुके हैं। दिल्ली में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने सीबीआई में भी जिम्मेदारी निभाई और अंततः बीपीआरएंडी के महानिदेशक पद तक पहुँचे। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें 2014 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर जिस प्रकार की चुनौतियां लगातार सामने आ रही हैं, ऐसे में राजीव शर्मा जैसे अनुभवी अधिकारी की वापसी को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। राजस्थान में आगामी महीनों में पुलिस सुधार, नक्सल/साइबर अपराध, संगठित अपराध पर अंकुश और प्रशासनिक कसावट को लेकर कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है, जिनमें शर्मा की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शर्मा की वापसी पर प्रसन्नता जताई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा-‘राजीव शर्मा अनुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन के पक्षधर अधिकारी हैं। राजस्थान पुलिस को उनके अनुभव से निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा।’ राजस्थान में राजीव शर्मा की वापसी को राज्य सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिसिंग को नई दिशा देने, आंतरिक सुधार लागू करने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।





