





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 31 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे बड़ी घोषणा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 150 यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने की योजना थी। इसके तहत अब राजस्थान के घर-घर में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना के तहत 1 करोड़ 4 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। अब उन्हें प्रतिमाह 100 यूनिट की बजाय 150 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रत्येक घर की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने का प्रावधान किया है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 33,000 रुपये और राज्य सरकार द्वारा 17,000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। यानी 1.1 किलोवाट क्षमता का पैनल पूरी तरह मुफ्त होगा। इस योजना से 27 लाख परिवारों के रूफटॉप सोलर संयंत्र लगेंगे और कुल 3,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा सृजित होगी।

जो परिवार 150 यूनिट से कम बिजली का उपयोग करते हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। यदि घर की छत उपलब्ध है तो उन्हें 1.1 किलोवाट क्षमता का निःशुल्क सोलर पैनल मिलेगा। जिनके पास छत नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे। इन संयंत्रों से मिलने वाली बिजली वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से परिवारों को दी जाएगी। इन सामुदायिक संयंत्रों का पूरा खर्च वितरण कंपनियां उठाएंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में शामिल पहले 10 लाख उपभोक्ताओं को (150 यूनिट से अधिक और कम खपत दोनों श्रेणियों में) उनके बैंक खातों में प्रतिव्यक्ति 1,100 रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इससे शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में भी बड़ा योगदान मिलेगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और आवासीय विस्तार को देखते हुए स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पहले बजट में 1 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने की घोषणा थी, अब संख्या 2 लाख की जाएगी। इसके लिए अनुमानित 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि राज्य में राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेस) के अंतर्गत संचालित 374 महाविद्यालयों में कुल 10,594 पद रिक्त हैं। शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 4,724 शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक संविदा पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 3,540 शैक्षणिक पदों पर योग्य अभ्यर्थियों को नेट/स्लेट/सेट/पीएचडी के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। सभी पदों पर नियुक्त कर्मचारियों का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।

प्रदेश में प्रदूषित जल से होने वाले पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को रोकने के लिए सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन किया गया। नई नीति के अनुसार सभी नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित सीवरेज सिस्टम स्थापित होगा और इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत शुद्ध जल, खाद और गैस का पुनः उपयोग किया जाएगा। नमामि गंगे परियोजनाओं के अनुरूप हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया है, जिसमें परियोजना लागत की 40 प्रतिशत राशि कार्य पूर्ण होने पर और शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन-संधारण के दौरान प्राइवेट पार्टनर को दी जाएगी।

सांसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रलोभन या कपटपूर्वक धर्मांतरण को रोकने के लिए यह नया विधेयक लाया जाएगा। इसके तहत किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा बलपूर्वक, मिथ्या जानकारी देकर, विवाह का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना जाएगा। अवैध धर्मांतरण पर न्यूनतम 7 वर्ष और अधिकतम 14 वर्ष का कारावास तथा 5 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है। नाबालिग, महिला, दिव्यांग या एससी/एसटी वर्ग पर अपराध करने पर सजा और जुर्माना और अधिक होगा। सामूहिक धर्म परिवर्तन या विदेशी संस्थानों से धन प्राप्त कर अपराध करने पर 20 वर्ष से आजीवन कारावास और 20-30 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सेवा नियम
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के लिए नए सेवा नियम बनाए गए। इसके तहत बोर्ड में नियमित भर्ती प्रक्रिया को सुचारू और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति के अवसर बढ़ाए गए हैं। भू-जल विभाग में अधीक्षण भू-भौतिकविद् और अधीक्षण रसायनज्ञ के नए पद सृजित किए गए हैं।

राज्य सरकार ने विधि और विभिन्न विभागों में पदोन्नति, पदों के नामकरण और वेतन स्तर में संशोधन को भी मंजूरी दी। इससे सरकारी सेवा में कर्मचारियों के अवसर बढ़ेंगे और विभागीय कार्यों में दक्षता आएगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में बिजली, शिक्षा, नगरीय व्यवस्था, धर्मांतरण नियंत्रण और कर्मचारी नियमों से जुड़े कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं जो आम जनता के जीवन में सुधार लाने के साथ-साथ प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएंगे।


