



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति और बुकिंग में आ रही दिक्कतों ने हनुमानगढ़ में आमजन की दिनचर्या और रोज़गार दोनों पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि रेस्टोरेंट, ढाबे और फास्टफूड विक्रेता काम ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। सरकार जहां स्थिति सामान्य होने का दावा कर रही है, वहीं ज़मीनी सच्चाई इससे अलग नजर आ रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला और हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता खाली एलपीजी सिलेंडर हाथों में लेकर कलक्ट्रेट परिसर में घुस गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अंदर तक पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान ‘नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ और ‘नरेंदर हुए सिरेंडर’ जैसे नारों से परिसर गूंज उठा।

प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्टर कार्यालय के बाहर लकड़ी का चूल्हा बनाकर रोटियां सेंकीं और प्रतीकात्मक रूप से यह जताने की कोशिश की कि अगर यही हाल रहा तो लोगों को दोबारा चूल्हे-चौके की पुरानी व्यवस्था अपनानी पड़ेगी। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है। अचानक गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए और अब सिलेंडर मिलना भी आसान नहीं रह गया है।

इस मौके पर मनीष मक्कासर के साथ भादरा के पूर्व विधायक सुरेश चौधरी, नोहर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान सोहन ढिल, पूर्व सरपंच इंद्रजीत शर्मा, विकास सैनी सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी का खामियाजा छोटे कारोबारी और आम उपभोक्ता भुगत रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक, चाय-नाश्ते की दुकानें और फास्टफूड विक्रेता सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिनकी रोज़ी-रोटी सीधे गैस आपूर्ति पर निर्भर है।

जिले की स्थिति यह है कि सिलेंडर तो दूर, उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के लिए भी गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से सिलेंडर बुकिंग का पोर्टल बार-बार ठप हो रहा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार इंडेन के सिलेंडर बुकिंग सिस्टम पर अचानक कॉल ट्रैफिक 8 से 10 गुना तक बढ़ गया, जिसके चलते रिफिल बुकिंग सिस्टम क्रैश हो गया। अत्यधिक दबाव के कारण सिस्टम ने रिस्पॉन्स देना बंद कर दिया।

हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित हनुमानगढ़ गैस एजेंसी के संचालक रामपाल सिंह ने बताया कि फिलहाल सबसे बड़ी समस्या सिलेंडर बुकिंग को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सर्वर सही तरीके से काम करने लगे और बुकिंग हो जाए, तो सप्लाई में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। कंपनी की ओर से नियमित रूप से गैस की गाड़ियां एजेंसियों को भेजी जा रही हैं। हालांकि, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कॉमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जिससे व्यवसायिक सेक्टर में संकट और गहरा गया है।

बुकिंग में आ रही दिक्कतों और उपभोक्ताओं की परेशानी को लेकर जिला प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए रसद विभाग की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।

इसी क्रम में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव और एसपी हरिशंकर ने अधिकारियों के साथ सूरतगढ़ रोड स्थित हनुमानगढ़ गैस एजेंसी सहित विभिन्न एलपीजी गोदामों और वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल हालात यह हैं कि गैस संकट ने प्रशासन, राजनीति और आमजन, तीनों को आमने-सामने ला दिया है। एक ओर विपक्ष सड़कों पर उतरकर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन स्थिति संभालने में जुटा है। लेकिन जब तक बुकिंग सिस्टम सामान्य नहीं होता और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत नहीं मिलती, तब तक रसोई गैस का यह संकट हनुमानगढ़ के लिए सिरदर्द बना रहने की पूरी संभावना है।





