


भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही हनुमानगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ पत्रकार पृथ्वीराज शर्मा ‘शूरवीर’ की पुत्री गरिमा शर्मा ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 460वीं रैंक हासिल की है। गरिमा की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा हनुमानगढ़ जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। परिणाम घोषित होने के साथ ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने शर्मा परिवार को बधाइयां देना शुरू कर दिया।
गरिमा शर्मा बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई की शुरुआत हनुमानगढ़ से ही हुई। उन्होंने अपनी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा भी यहीं से पूरी की। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 12वीं कक्षा में कला संकाय से उन्होंने 98 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

स्नातक के बाद गरिमा ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का निर्णय लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने तैयारी के लिए बड़े शहरों के कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहने की बजाय अपने गृह नगर हनुमानगढ़ में रहकर ही सेल्फ स्टडी का रास्ता चुना। सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासन, नियमित अध्ययन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने इस कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ली।
गरिमा शर्मा को यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में मिली है। उनका कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसमें धैर्य, निरंतरता और आत्मविश्वास बेहद जरूरी होते हैं। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूपीएससी के परिणाम की खबर मिलते ही शर्मा परिवार के घर पर बधाइयों का तांता लग गया। हनुमानगढ़ टाउन की नई आबादी स्थित उनके आवास पर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और मित्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई लोगों ने गुलाल लगाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। माहौल बिल्कुल किसी त्योहार जैसा हो गया था।
गरिमा की सफलता पर पत्रकार जगत में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा सहित पत्रकारों की पूरी टीम ने गरिमा शर्मा के चयन पर खुशी जताई और वरिष्ठ पत्रकार पृथ्वीराज शर्मा ‘शूरवीर’ व उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं। पत्रकारों का कहना था कि गरिमा की यह उपलब्धि पूरे हनुमानगढ़ जिले के लिए प्रेरणादायक है और इससे अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि छोटे शहरों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। गरिमा ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता हो तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता ने हनुमानगढ़ के युवाओं के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गरिमा के पिता पृथ्वीराज शर्मा ने बताया कि गरिमा बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं। वह हमेशा अनुशासित दिनचर्या का पालन करती थीं और अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट थीं। यही कारण है कि उन्होंने बिना किसी दिखावे और शोर-शराबे के शांत वातावरण में पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार अपनी मेहनत का फल हासिल किया।








