






भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
भारतीय डाक विभाग एक नई डिजिटल पहल के अंतर्गत अपनी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आठ जुलाई से विभाग की अत्याधुनिक एपीटी एप्लीकेशन का रोलआउट किया जा रहा है, जो देशभर में डिजिटल दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल ‘आईटी 2.0 एप्लीकेशन’ के नाम से जानी जाएगी।
हनुमानगढ़ डाक मंडल के अधीक्षक डाकघर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस परिवर्तनशील पहल के तहत हनुमानगढ़ के मुख्य डाकघर, समस्त उपडाकघर और शाखा डाकघरों में यह नया प्लेटफॉर्म 8 जुलाई से प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
डिजिटल संक्रमण के लिए एक दिन निर्धारित
एपीटी लेटफॉर्म को सुचारु और सुरक्षित रूप से लागू करने के लिए भारतीय डाक विभाग ने 7 जुलाई 2025 (सोमवार) को एक ‘डाउनटाइम’ दिवस के रूप में चिह्नित किया है। इस दिन किसी भी प्रकार का सार्वजनिक लेन-देन नहीं किया जाएगा, ताकि आवश्यक डेटा माइग्रेशन, सिस्टम सेटअप और परीक्षण प्रक्रियाएं निर्बाध रूप से पूर्ण हो सकें।
क्या है एपीटी एप्लीकेशन की विशेषताएं?
डाक विभाग द्वारा विकसित एपीटी एप्लीकेशन ग्राहकों को तीन बड़े लाभ प्रदान करेगा। सुधारी गई उपयोगकर्ता अनुभूति यानी इसके तहत यूजर इंटरफेस और अनुभव को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है ताकि ग्राहक सहज रूप से सेवाओं का लाभ उठा सकें। तेज और भरोसेमंद सेवा यानी इसके तहत ट्रांजेक्शन से लेकर रिकॉर्डिंग तक सभी प्रक्रियाएं तेज़ी से होंगी और डेटा की सुरक्षा भी पहले से बेहतर होगी। एक सहज और ग्राहक-मित्रवत इंटरफेस। इसके तहत डिजिटल साक्षरता की विभिन्न अवस्थाओं वाले ग्राहक भी अब आसानी से सेवाओं तक पहुंच पाएंगे।
डिजिटल भारत की दिशा में डाक विभाग की प्रतिबद्धता
एपीटी एप्लीकेशन का यह रोलआउट, डाक विभाग की ‘कुशल, स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार डाक सेवाएं’ मुहिम का हिस्सा है। यह भारतीय डाक की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि वह तकनीकी प्रगति के साथ कदम मिलाते हुए हर वर्ग के नागरिक तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना चाहता है। डाकघर के अधीक्षक ने सभी सम्मानित ग्राहकों से आग्रह किया है कि 7 जुलाई के डाउनटाइम के मद्देनज़र अपनी आवश्यक सेवाएं पहले से ही संपन्न कर लें और 8 जुलाई को नए प्लेटफॉर्म पर सेवा आरंभ होने के समय स्टाफ का सहयोग करें। किसी भी असुविधा से बचने के लिए योजनाबद्ध तरीके से डाक सेवाओं का उपयोग करने की अपील की गई है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि यह तकनीकी परिवर्तन न केवल कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करेगा, बल्कि डाक सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक प्रभावी, तेज और डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगा।




