


भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। मौजूदा एसपी हरिशंकर को पड़ोसी जिला श्रीगंगानगर की कमान सौंपी गई है। भारतीय पुलिस सेवा के 2014 बैच के अधिकारी नरेंद्र मीणा को जिले की कमान सौंपी गई है। वे बाड़मेर में पदस्थापित थे और वहां से स्थानांतरित होकर हनुमानगढ़ जॉइन करेंगे। अलवर जिले के मूल निवासी नरेंद्र मीणा प्रशासनिक सख्ती के साथ आमजन से संवाद बनाए रखने वाले अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं।
नरेंद्र मीणा ने अपने पुलिस करियर की शुरुआत राजस्थान पुलिस सेवा से की थी। बाद में वे भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। बतौर जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ उनका तीसरा जिला होगा। इससे पहले वे बाड़मेर और दूदू में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

बाड़मेर जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में उनकी भूमिका खास तौर पर चर्चा में रही। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने सेना और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उल्लेखनीय कार्य किया। हालात की नजाकत को समझते हुए उन्होंने प्रशासनिक सूझबूझ और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली। उनके इसी योगदान को देखते हुए सेना की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया, जो किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए गौरव की बात मानी जाती है।
7 जुलाई 1968 को जन्मे नरेंद्र सिंह मीणा वर्तमान में 58 वर्ष के हैं। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग दो वर्ष शेष हैं। मीणा के बारे में कहा जाता है कि वे जहां भी तैनात रहे, वहां अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की मजबूती और पुलिसिंग के मानवीय चेहरे को सामने लाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके कार्यशैली की खासियत यह मानी जाती है कि वे फील्ड में सक्रिय रहते हैं और सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं को समझने की कोशिश करते हैं।

हनुमानगढ़ जैसे जिले में, जहां सीमावर्ती स्थिति, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामाजिक विविधता के कारण पुलिस के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां रहती हैं, वहां नरेंद्र मीणा से सख्त लेकिन संतुलित प्रशासन की उम्मीद की जा रही है। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, नशे के खिलाफ अभियान, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा तथा आमजन में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, अनुभव, अनुशासन और जमीनी पकड़ के साथ नरेंद्र मीणा का हनुमानगढ़ में आगमन जिले की पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अपने शेष कार्यकाल में वे जिले को कितनी मजबूती और नई दिशा दे पाते हैं।






