





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह धमकी एक अज्ञात ई-मेल के जरिए भेजी गई, जिसे देखकर जिला कलेक्टर के निजी सहायक पवन कुमार हैरान रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव को दी।
सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए कलेक्टर कार्यालय भवन को खाली कराने के निर्देश दिए। कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल दिया गया। साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।

धमकी के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्टाफ को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा भवन के भीतर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ता, पुलिस अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हर कोने की बारीकी से तलाशी ले रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। इस मौके पर एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एसडीएम मांगीालाल सुथार, थाना प्रभारियों सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

उधर, जांच के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अधिकारी और कर्मचारी एकत्रित नजर आए। अचानक कामकाज ठप होने और सुरक्षा कारणों से बाहर निकाले जाने के चलते कर्मचारियों में चिंता और भय का माहौल बना हुआ है। कई कर्मचारी फोन पर अपने परिजनों को स्थिति की जानकारी देते दिखे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी एक अज्ञात ई-मेल आईडी से भेजी गई है। फिलहाल साइबर ब्रांच इस ई-मेल की तकनीकी जांच में जुटी हुई है। ई-मेल कहां से भेजा गया, किस सर्वर का उपयोग हुआ और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह हो सकता है, इन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जा रही।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह धमकी शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। हालांकि, हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी संस्थानों और न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियों के मामले सामने आए हैं। कुछ समय पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिलने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। इसी पृष्ठभूमि में हनुमानगढ़ कलेक्टर कार्यालय को मिली धमकी को भी बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरी तरह से जांच पूरी नहीं हो जाती और भवन को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अमला जहां एक ओर स्थिति को संभालने में जुटा है, वहीं आमजन और कर्मचारी वर्ग में भय और असमंजस का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं। फिलहाल, पूरा जिला प्रशासन साइबर जांच रिपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों की अंतिम जांच का इंतजार कर रहा है। इस बीच, धमकी देने वाले की पहचान और मंशा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।


