





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाशोत्सव को समर्पित महान गुरमत समागम एवं विशाल सिख ऐतिहासिक प्रदर्शनी का शुभारंभ 7 नवंबर को बड़ी श्रद्धा और भावना के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी का उद्घाटन श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा, रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला, मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश जुनेजा, वाईस चांसलर प्रो. रामावतार मीणा और रजिस्ट्रार डॉ. श्यामवीर सिंह ने किया।

विश्वविद्यालय में यह गुरमत समागम इस उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है ताकि समाज, विशेष रूप से नई पीढ़ी को सिख गुरुओं की कुर्बानियों और गौरवमयी इतिहास से परिचित कराया जा सके। इस प्रदर्शनी में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सिख इतिहास से संबंधित साहित्य, ऐतिहासिक चित्रों और दुर्लभ दस्तावेजों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर सिख इतिहास की साहित्य प्रदर्शनी पर पुष्पवर्षा करते हुए उसे श्रद्धापूर्वक निहारा गया।

इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि इस महान गुरमत समागम में गुरु की संगत के साथ-साथ अन्य धर्मों और समाजों के लोग भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर स्वयं को धन्य महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि समागम के दौरान कीर्तनीय जत्थे और कथा विचारक गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को गुरु चरणों से जोड़ते हुए नैतिक मूल्यों का विकास करेंगे और मानव जीवन को ऊँचाई प्रदान करने का मार्ग दिखाएंगे।

जुनेजा ने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर गुरु के बताए मार्ग पर चलें, क्योंकि आज का युवा गलत संगत में पड़कर अपने गौरवशाली सिख इतिहास से दूर होता जा रहा है। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से विद्यार्थियों और संगत को प्रदर्शनी दिखाने की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि सभी को सिख इतिहास से रूबरू करवाया जा सके।

कार्यक्रम की श्रृंखला के तहत 8 नवम्बर को सुबह 10 बजे से दस्तारबंदी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें जूनियर वर्ग (5 से 18 वर्ष) और सीनियर वर्ग (19 से 35 वर्ष) के प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

9 नवम्बर को महान गुरमत समागम का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर दीवान सजाया जाएगा, जिसमें पंथ-प्रसिद्ध कीर्तन जत्थे भाई सुखविंद्र सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा चिल्ला साहिब, भाई गुरप्रीत सिंह खालसा और भाई गुरप्रीत सिंह नामदेव अपने कथा-कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे। कार्यक्रम के समापन पर गुरु का अटूट लंगर बरताया जाएगा।

सेवादार सुरेन्द्र सिंह छिन्दा ने सभी संगतजनों से इस ऐतिहासिक समागम में शामिल होने की अपील करते हुए बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों सहित आम जन को सिख इतिहास और गुरु परंपरा से अवगत करवाना है। इस अवसर पर रिटायर्ड प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्योति धींगड़ा, डॉ. दुर्गा स्वामी, डॉ. चंदन जिंदल, प्रशासक संजीव शर्मा, प्रो. डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. स्वाति ओझा, डॉ. कुलवंत सिंह, डॉ. बाबूलाल पारीक सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।




