



भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन स्कूल के सामने ‘बेटी बचाओ, बेटी अपनाओ, बेटी पढ़ाओ’ के मूल विचार को व्यवहार में उतारते हुए ऐसा सामाजिक अभियान संपन्न हुआ, जिसने हज़ारों जरूरतमंद माताओं और बेटियों के जीवन को सीधे प्रभावित किया। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश दादरी के मुताबिक, इस व्यापक जन-अभियान के तहत 6 से 8 हज़ार बेटियों व लाडली बहनों को वितरित किए गए, जिनका लाभ 6 से 8 हज़ार लाड़ली बहनों और बेटियों विशेष रूप से माताओं और उनकी बेटियों को मिला। सर्दी से राहत के साथ-साथ, शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 4000 सरकारी स्कूल की बेटियों को जूते वितरित किए गए।

राजेश दादरी बताते हैं कि अब तक 1000 जरूरतमंद सरकारी स्कूल की बालिकाओं को गोद लिया जा चुका है। इन सभी बेटियों के बैंक खाते खुलवाए गए हैं। जिन खातों की शुरुआत में शून्य राशि थी, आज उनमें ₹12,000 से अधिक की बचत जमा हो चुकी है। यह तभी संभव हुआ जब जन सहयोग से हर माह ₹100 की राशि बेटियों के खातों में जमा करवाई जाती है। यह पहल किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि लंबे समय की वित्तीय सुरक्षा मॉडल बन चुकी है।

हनुमानगढ़ विधायक गणेश राज बंसल कहते हैं, ‘राजेश दादरी केवल सहायता नहीं करते, वे सिस्टम खड़ा करते हैं। 1000 बेटियों को गोद लेना, उनके खाते खुलवाना और नियमित पैसा जमा करवाना यह काम सरकारें करती हैं, लेकिन दादरी ने इसे समाज के बल पर कर दिखाया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह काम निरंतर है। यह एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों तक चलने वाली जिम्मेदारी है, जिसे राजेश दादरी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।’

भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहाकि यह प्रचार नहीं, परिणाम वाला काम है। यह काम दिखावे का नहीं है। जिन बेटियों के खातों में आज ₹12,000 से ज्यादा राशि है, वही उनकी असली उपलब्धि है। यह परिणाम आधारित सेवा है।
बाल कल्याण समिति के बेंच मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने कहा कि सरकारी स्कूल की जरूरतमंद बालिकाओं को गोद लेकर उनके भविष्य की जिम्मेदारी उठाना एक असाधारण कार्य है। डॉ. वी. एस. तिवारी ने कहा कि यह भावनात्मक नहीं, व्यावहारिक मॉडल है। हर महीने तय राशि, बैंक खाते और निरंतर निगरानी यही इस अभियान की वास्तविक ताकत है।

पूर्व चेयरमैन राजकुमार हिसारिया ने 51 बेटियों को गोद लेने की घोषणा की। यानी अब वे हर महीने इन 51 बेटियों के खातों में 100 रुपए जमा करवाएंगे। इस घोषणा पर उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से समर्थन व्यक्त किया। अग्रवाल गर्ल्स कॉलेज के निदेशक श्याम सुंदर गिदड़ा ने कहा कि जब समाज स्वयं आगे बढ़कर बेटियों की जिम्मेदारी उठाता है, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।

इस अभियान में लायंस क्लब हनुमानगढ़ सिटी, पीरखाना हनुमानगढ़ एवं श्री सुंदरकांड मित्र मंडल ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इसके साथ ही 200 लाड़ली बहनें, सीमा, मधु, अमरिंदर एवं जिले की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े 500 से अधिक स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख रूप से योगेश गुप्ता, अक्षित गुप्ता, दिनेश गुप्ता, हरीश जगवानी, पवन मिड्ढा, निशा तिवारी, मोनिका शर्मा, सीमा माहेश्वरी, बनीत गर्ग, साहिल जिंदल, मधुसूदन शर्मा, राधा कृष्ण सिंगला, सनी दादरी, हिमांशु दादरी, पारस गर्ग, आयुष अग्रवाल इत्यादि ने आयोजन की व्यवस्थाओं और संचालन में उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम की पूरी ज़मीनी जिम्मेदारी टोकन वितरण से लेकर भीड़ और व्यवस्था संचालन तक महक गर्ग, साहिल जिंदल व जैकी गुप्ता ने संभाली। मंच संचालन पवन मिड्ढा ने किया। राधा कृष्ण सिंगला ने आभार व्यक्त किया।



