



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित सिविल लाइंस क्षेत्र में एक विशेष पहल देखने को मिली। यहाँ सद्भावना पार्क के पास पर्यावरण प्रेमियों ने पौधारोपण कर हरियाली का संदेश दिया। सेक्टर-8 क्षेत्र में दर्जन भर पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में शामिल पर्यावरणप्रेमियों ने न केवल प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया, बल्कि समाज में मानवता और साहस का उदाहरण पेश करने वाले पुलिसकर्मी का भी सम्मान किया। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद पर्यावरणप्रेमियों कपिल सहारण, रिटायर्ड प्रधानाध्यापक कुलवंत जांगू, विकास भाकर और लाधू सिंह भाटी सहित अन्य लोगों ने सदर थाना में पदस्थापित पुलिसकर्मी सुभाष मांझू का सम्मान कर उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया।

दरअसल, कुछ दिन पहले जंक्शन में सीवरेज चैंबर में सफाई के दौरान तीन मजदूर फंस गए थे। स्थिति गंभीर और जोखिम भरी थी। ऐसे में पुलिसकर्मी सुभाष मांझू ने बिना देर किए मौके पर पहुँचकर साहस और सूझबूझ से कार्य किया। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण दो मजदूरों की जिंदगी बच गई, जबकि एक अन्य को बचाया न जा सका लेकिन उसे अस्पताल पहुंचाने में कामयाबी मिल गई थी।

कपिल सहारण ने कहा कि सुभाष मांझू का यह कदम न केवल दो परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ, बल्कि इससे पुलिस के प्रति आमजन के दृष्टिकोण में भी सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः पुलिसकर्मियों के प्रति लोगों की सोच कठोर और दूरी भरी रहती है, लेकिन मांझू की मानवता और साहस ने यह साबित कर दिया कि पुलिस समाज की रक्षा और सेवा के लिए हर पल तत्पर है।

रिटायर्ड प्रधानाध्यापक कुलवंत जांगू ने कहा कि सुभाष मांझू जैसे पुलिसकर्मी ही वर्दी की असली गरिमा बढ़ाते हैं। ऐसे कार्य समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं। वहीं, विकास भाकर ने कहा कि पुलिसकर्मी के इस साहसिक कार्य को जन-जन तक पहुँचाना जरूरी है ताकि समाज में सकारात्मक सोच का संचार हो।

मानव उत्थान सेवा समिति अध्यक्ष लाधू सिंह भाटी ने कहा कि आज जब अक्सर पुलिस को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, वहीं सुभाष मांझू जैसे उदाहरण समाज को यह संदेश देते हैं कि वर्दी का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर इंसानियत की रक्षा करना भी है।

सम्मान पाकर सुभाष मांझू ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य था और किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस तभी प्रभावी हो सकती है जब समाज का सहयोग और विश्वास उसके साथ हो।

इस अवसर पर मौजूद सभी पर्यावरण प्रेमियों ने एक स्वर से कहा कि जैसे पौधारोपण प्रकृति के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास है, वैसे ही समाज में ऐसे पुलिसकर्मियों का सम्मान करना भी जरूरी है, जो मानवता के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लेकर किया कि वे प्रकृति और मानवता, दोनों की सेवा में सदैव योगदान देंगे।


