





भटनेर पोस्ट डेस्क
जब पर्यावरण संकट सच्चाई बन चुका है, ऐसे समय में समाज के जिम्मेदार वर्ग का आगे आना उम्मीद जगाता है। इसी भावना के साथ डॉक्टर्स फॉर सोसाइटी यानी डीएफएस की ओर सेे हनुमानगढ़ टाउन स्थित सेक्टर नंबर 1 में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने साफ संदेश दिया, यदि भविष्य सुरक्षित चाहिए, तो आज प्रकृति का साथ निभाना होगा।
सचिव डॉ. नरेश सांकलेचा कहते हैं, ‘कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि शहर को हरित बनाने, प्रदूषण को नियंत्रित करने और आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना रहा। बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए यह साबित किया कि डॉक्टर केवल अस्पताल तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के भी संरक्षक हैं।’

इस अवसर पर सीनियर फिजिशियन डॉ. पारस जैन, डॉ. एस. एस. गेट, डॉ. रवि त्रेहन, संस्था के अध्यक्ष डॉ. विक्रम जैन, सचिव डॉ. नरेश सांकलेचा, कोषाध्यक्ष डॉ. पुनीत जैन, डॉ. संदीप भाकर, डॉ. जगदीश खत्री, डॉ. राजीव मुंजाल, डॉ. वरुण आहूजा, डॉ. जतिन सिंगला, डॉ. नरेश जिंदल, डॉ. जे. एस. संधू, डॉ. दीपक खुराना, डॉ. पवन मिद्धा, चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश गोयल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

डॉक्टरों ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, बदलता मौसम चक्र और जलवायु असंतुलन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की समस्या बन चुके हैं। ऐसे में वृक्षारोपण सबसे सरल, सशक्त और प्रभावी समाधान है। पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, तापमान संतुलन और जैव विविधता को भी सुरक्षित रखते हैं।
चिकित्सकों ने विशेष रूप से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक धीरे-धीरे धरती का दम घोंट रहा है। इसका कम से कम उपयोग, उचित निस्तारण और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली ही इसका स्थायी समाधान है। समाज यदि आज नहीं जागा, तो कल कीमत बहुत भारी होगी, यह चेतावनी भी मंच से दी गई।

संस्था ने ‘क्लीन हनुमानगढ़-ग्रीन हनुमानगढ़’ अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से शहरवासियों को स्वच्छता, हरियाली और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लक्ष्य साफ है, आज सुधार, ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित सांस ले सकें।
अध्यक्ष डॉ. विक्रम जैन बताते हैं कि डॉक्टर्स फॉर सोसाइटी एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना समाज के प्रति संवेदनशील डॉक्टरों द्वारा की गई है। संस्था का मानना है कि स्वास्थ्य केवल दवा से नहीं, बल्कि स्वच्छ वातावरण से भी जुड़ा है। यही कारण है कि संस्था चिकित्सा सेवा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय सुधार के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

संस्था का प्रमुख उद्देश्य बड़े स्तर पर पौधरोपण को बढ़ावा देना, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और जनजागरूकता फैलाना है। यह प्रयास केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि निरंतर और योजनाबद्ध हैं। डीएफसी का स्पष्ट मत है कि जब तक समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक बदलाव अधूरा रहेगा।
सदस्यता को लेकर भी संस्था ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है। एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी और पशु चिकित्सा से जुड़े सभी मान्यता प्राप्त डॉक्टर लाइफ मेंबर बन सकते हैं। वहीं, सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों में रुचि रखने वाले नागरिक एसोसिएट मेंबर के रूप में संस्था से जुड़ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने यह दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, हनुमानगढ़ के नागरिकों से अपील की गई कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने शहर को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग करें। सीधी बात है, पेड़ बचेंगे तो जीवन बचेगा। और इस सच को डॉक्टरों ने आज जमीन पर उतार दिया।








