






भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 23 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट बैठक के बाद हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ पर विचार हुआ। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि पंचायतों और नगरीय निकायों के परिसीमन व पुनर्गठन से संबंधित मंत्रिगणों की समिति की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है। वहीं, ओबीसी आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगामी तीन माह में चुनावों में आरक्षण संबंधी अनुशंषा देगा। इस दौरान ‘विकसित राजस्थान-2047’ विजन डॉक्यूमेंट, दो नीतियों को मंजूरी, तीन विधेयकों के प्रारूप पर सहमति, उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने पत्रकारों को विस्तार से जानकारी दी। मंत्रियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप राज्य सरकार ने ‘विकसित राजस्थान/2047’ विजन डॉक्यूमेंट को अनुमोदित किया है। इसका उद्देश्य राजस्थान को आर्थिक दृष्टि से सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाना है।

इस डॉक्यूमेंट में 2030 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शत-प्रतिशत साक्षरता, कौशल आधारित शिक्षा, महिलाओं-युवाओं का सशक्तीकरण, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, सतत जल प्रबंधन, आधुनिक परिवहन, किफायती आवास, पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा जैसी प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है।

बैठक में ‘विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना’ को मंजूरी दी गई। इसके तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक का ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। महिला, एससी, एसटी, दिव्यांग व ग्रामीण उद्यमियों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान और 25 प्रतिशत या अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान मिलेगा।
राज्य सरकार ने आरयूएचएस को अपग्रेड कर ‘राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स)’ स्थापित करने का निर्णय लिया। यह एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर पीजी स्तर का पहला चिकित्सा संस्थान होगा। इसके साथ ही राज्य कैंसर संस्थान भी रिम्स में शामिल होगा। सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा को इससे नई दिशा मिलेगी।

राज्य में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने के लिए ‘भूमि आवंटन नीति-2025’ को मंजूरी दी गई। इसमें भूमि आरक्षित/डीएलसी दर की 40 प्रतिशत दर पर उपलब्ध होगी। हालांकि आवासीय परियोजनाओं, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम, रेड कैटेगरी उद्योगों आदि को भूमि आवंटन से बाहर रखा गया है। राज्य में एडवेंचर टूरिज्म और एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए हवाई पट्टियों की भूमि लीज आवंटन नीति स्वीकृत की गई। इसके तहत अधिकतम 2000 वर्ग मीटर भूमि 20 वर्ष की लीज अवधि तक उपलब्ध होगी। लीज शुल्क 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर और कंसेशन शुल्क 6 लाख रुपये प्रति वर्ष तय किया गया है।

जयपुर के बी-2 बाईपास स्थित 95 एकड़ भूमि पर ‘राजस्थान मंडपम’, आईटी टावर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, होटल और अन्य वाणिज्यिक इकाइयों का निर्माण एनबीसीसी के माध्यम से होगा। लगभग 3700 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 2200 करोड़ रुपये से कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसमें 7000-7500 लोगों की क्षमता होगी।

राजस्थान राज्य राजमार्ग शुल्क नियम-2015 में संशोधन कर एक्सप्रेसवे की दरें अब राष्ट्रीय राजमार्ग एक्सप्रेसवे के अनुरूप की जाएंगी। वर्तमान में यह दरें राज्य राजमार्गों से दोगुनी थीं। कैबिनेट ने ‘कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2025’ को मंजूरी दी। इसके तहत श्रमिकों के कार्यघंटे 9 से बढ़ाकर 10 घंटे और साप्ताहिक अधिकतम कार्य समय 48 घंटे तय होगा। महिलाओं को सुरक्षा और सहमति के साथ रात्रिकालीन पारी में कार्य की अनुमति दी जाएगी। इसी तरह ‘राजस्थान मत्स्य (संशोधन) विधेयक-2025’ भी स्वीकृत हुआ। इसमें मत्स्य अपराधों पर जुर्माना राशि 25 हजार रुपये तक बढ़ाई गई है, जबकि पुनः अपराध पर यह 50 हजार रुपये तक होगी।

राज्य सरकार ने विधानसभा में अतिरिक्त मार्शल की पदोन्नति, तकनीकी शिक्षा अधीनस्थ सेवा में नेगेटिव मार्किंग, और महाविद्यालय शिक्षा सेवा में न्यूनतम अंक निर्धारण जैसे बदलाव किए। एससी-एसटी अभ्यर्थियों को इन नियमों में छूट दी जाएगी। बैठक में 1283 हेक्टेयर भूमि पर नए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की स्थापना को मंजूरी दी गई। इससे 2400 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता का सृजन होगा। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने बताया कि ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार के प्रयास होंगे। 500 से अधिक आबादी वाले और 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी जनसंख्या वाले गांव इसमें शामिल होंगे। सरकार ने परवन बांध डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों को 52 करोड़ रुपये से अधिक की विशेष अनुग्रह राशि देने का निर्णय लिया है।



