





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृति में महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के तत्वावधान में हनुमानगढ़ में भव्य शांति पदयात्रा, संगोष्ठी एवं सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में काफी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात गांधी प्रतिमा स्थल से विशाल पदयात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पदयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने ‘गांधी जी अमर रहें’, ‘सत्य और अहिंसा अमर रहें’, ‘गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाओ’ जैसे नारों के साथ गांधीवादी विचारों का संदेश दिया। पदयात्रा के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर गांधी जी के विचारों को समाज तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।
पदयात्रा के पश्चात आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने गांधी जी के जीवन दर्शन, उनके सिद्धांतों तथा दांडी मार्च के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि दांडी मार्च केवल नमक कानून के विरोध का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सत्य और अहिंसा की ऐतिहासिक मिसाल था, जिसने पूरे देश में स्वतंत्रता की चेतना को जागृत किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए गांधीवादी विचारधारा को अपनाना समय की आवश्यकता है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी ने कहा कि दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का वह ऐतिहासिक अध्याय है जिसने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। गांधी जी ने नमक सत्याग्रह के माध्यम से पूरे देश में स्वतंत्रता का संदेश पहुंचाया और लाखों लोगों को आंदोलन से जोड़ा।

महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला सह-संयोजक तरुण विजय ने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिकता के आधार पर स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष अहिंसा के मार्ग से भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए गांधीवादी विचारधारा को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

जिला युवा समन्वयक मनोज बड़सीवाल ने कहा कि गांधी जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग गांधी जी के आदर्शों को अपनाकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में आगे आए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
पंचायत समिति के पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ ने कहा कि गांधी जी ने हमेशा ग्रामीण भारत को देश की आत्मा बताया था। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता के लिए गांधी जी के विचार आज भी मार्गदर्शक हैं।
डीसीसी के संगठन महासचिव गुरमीत चंदडा ने कहा कि गांधी जी ने हमें यह सिखाया कि किसी भी संघर्ष को सत्य और शांति के मार्ग से जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती कटुता को समाप्त करने के लिए गांधीवादी सोच को अपनाना जरूरी है।

भटनेर किंग्स क्लब के अध्यक्ष कुलभूषण जिंदल ने कहा कि गांधी जी के विचार केवल इतिहास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करना चाहिए।
बाल कल्याण समिति के सदस्य विजय सिंह चौहान ने कहा कि गांधी जी का जीवन त्याग, तपस्या और संघर्ष की अद्वितीय मिसाल है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पूर्व लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने कहा कि गांधी जी का जीवन दर्शन केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सत्य, अहिंसा और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष विजय गोंद ने कहा कि गांधी जी के विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि समाज में न्याय, समानता और सद्भाव की स्थापना के लिए गांधीवादी विचारधारा को अपनाना आवश्यक है।
कामगार कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रामस्वरूप भाटी ने कहा कि गांधी जी ने हमेशा मजदूर, किसान और आमजन के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनका जीवन समाज के कमजोर और श्रमिक वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कांग्रेस उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मारवाल ने कहा कि गांधी जी का स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर ही देश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
इस मौके पर रामदिता नेतला, रामनिवास वर्मा, द्वारका राम घोड़ेला, अर्जुन यादव, गुरजंट सिंह, गुरचरण सिंह, गूगन राम, सोनू सेतिया, शिवराज मान, गगन गिल, मयंक, मनीष सेतिया, सोनू यादव, सुखदेव सिंह, सुनील चांडी, नायक करण नायक, महेश वर्मा, रोशन बावरी, संदीप सांसी, संतराम बाबा, खाना राम, संदीप कुमार, नाथू राम, तरुण सोनी, सुखदेव, गब्बर, हरिराम, कश्मीरी, संदीप कंबोज, गुरदीप सिंह, अर्श सोनी, सरोज खान, मनोज वर्मा, गोपाल सिंह, अमनदीप, भरपुर सिंह, अशोक छोड़ा, एडवोकेट सुरेंद्र नागपाल, राहुल मिश्रा, विजय असीजा, मुकेश गुप्ता, राजकुमार महला, रणवीर, सुरेंद्र खटीक और जयदेव जोया भी मौजूद थे।




