





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली प्रवास महज़ औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने साफ संकेत दिया है कि राजस्थान की राजनीति में केंद्र और राज्य के रिश्तों को नई मजबूती मिल रही है। दो दिवसीय दौरे में मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को राज्य की सरकार और संगठन की नब्ज़ से अवगत कराया। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक फीडबैक तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे राजस्थान की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाली बैठक माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में रिम्स जैसे नवाचार और शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं की जानकारी देकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि उनकी सरकार ‘परफॉर्मेंस’ पर फोकस कर रही है।

नवनियुक्त उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ बधाई दी बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में अपनी ‘सक्रिय उपस्थिति’ दर्ज कराई। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से हुई चर्चाओं ने साफ कर दिया कि शर्मा दिल्ली दरबार में अपनी पैठ लगातार मज़बूत कर रहे हैं। खासतौर पर नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देना आने वाले चुनावी एजेंडे की झलक देता है।

सबसे अहम यह कि मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास के बीच ही केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए दो बड़ी आर्थिक सौगातें घोषित कीं। शहरी विकास के लिए 541 करोड़ और शिक्षा क्षेत्र के लिए 580 करोड़। यह मदद केवल विकास के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है कि मोदी सरकार राजस्थान को ‘विशेष प्राथमिकता’ दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भजनलाल शर्मा ने अपने इस दिल्ली दौरे से दो निशाने साधे। एक ओर केंद्र से आर्थिक सहयोग हासिल कर राज्य की जनता को संदेश दिया कि उनकी सरकार ‘डिलीवरी’ में गंभीर है, तो दूसरी ओर पार्टी संगठन और राष्ट्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि राजस्थान की कमान सही हाथों में है। स्पष्ट है कि यह दौरा आगामी चुनावी समीकरणों और राज्य, केंद्र के रिश्तों के लिहाज़ से दूरगामी असर छोड़ने वाला है।







