January 11, 2026

नजरिया

नजरिया

सुचेता जैन.हर साल जैसे ही 31 दिसंबर की रात आती है, सोशल मीडिया अचानक बहुत ‘ज्ञानवान’ हो...
मिताली अग्रवाल.हर नया साल अपने साथ नई उम्मीदें और नए संकल्प लेकर आता है। लेकिन असली बदलाव...
डॉ. अर्चना गोदारा.इतना मुश्किल भी नहीं है, अपनों को गले लगाना। लगा कर तो देखिए बड़ा सुकून...
गोपाल झा.लोकतंत्र कोई सालाना उत्सव नहीं, यह रोज़ की ‘क्लास’ है, और सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि सब इसके...
डॉ. अर्चना गोदारा.अभी कुछ दिन पहले एक मैरिज पैलेस के सामने एक होल्डिंग लगा हुआ देखा। ‘फेक...
डॉ. अर्चना गोदारा.‘ज़रा-ज़रा बहकता है, महकता है’, यह गीत भले प्रेम की अनुभूति को व्यक्त करता हो,...