






गोपाल झा.
भाजपा अब एक बार फिर अपनी वैचारिक जड़ों की ओर लौटती दिखाई दे रही है। जिस वैचारिक अनुशासन, संगठनात्मक प्रतिबद्धता और सादगीपूर्ण नेतृत्व की नींव पर पार्टी का जन्म हुआ था, वह रंग अब धीरे-धीरे पार्टी के ढांचे में पुनः उभरता नजर आ रहा है। हनुमानगढ़ जिला कार्यकारिणी के हालिया गठन को अगर इस नजर से देखा जाए तो यह न केवल एक संगठनात्मक कवायद है, बल्कि भाजपा के उस मूल चरित्र की प्रतिक्रिया भी है, जो समय के साथ धुंधलाती नजर आ रही थी।
हनुमानगढ़ भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू का चयन अपने आप में इस बदली हुई रणनीति की पहली झलक थी। डेलू की नियुक्ति सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सहमति से हुई है, और यही वजह है कि उनकी टीम में संघ की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। जिला बनने के बाद संभवतः यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में आरएसएस पृष्ठभूमि से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रमुख पदों पर जिम्मेदारी मिली है। यह न केवल संघ और भाजपा के पुराने रिश्तों की पुनर्स्थापना का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पार्टी अब अपने आंतरिक संगठन में वैचारिक प्रतिबद्धता को फिर से महत्व देने लगी है।
इस कार्यकारिणी में पुष्पा नाहटा जैसे नाम के मायने हैं। पुष्पा न केवल महिला कोटे से उपाध्यक्ष बनी हैं, बल्कि संघ विचारधारा से उनका जुड़ाव भी किसी से छिपा नहीं है। एक वैचारिक रूप से समर्पित नेत्री के तौर पर उनकी उपस्थिति यह संदेश देती है कि अब महिला प्रतिनिधित्व केवल संख्या भर नहीं होगा, बल्कि उसमें विचार, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक दृष्टि का भी समावेश रहेगा।

इसी तरह मुरलीधर सोनी, कृष्ण तायल, जुगलकिशोर गौड़, आशीष पारीक, दलीप बेनीवाल, सुभाष सहारण व पारस मिड्ढ़ा जैसे कार्यकर्ताओं के नाम सूची में शामिल हैं, जो वर्षों से स्वयंसेवक के रूप में काम करते रहे हैं। यह चयन स्पष्ट करता है कि भाजपा अब उस कैडर आधारित संरचना को फिर से जीवित करना चाहती है, जो न केवल चुनावी रणनीतियों को मजबूत करती है, बल्कि संगठन के आंतरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाती है।
दूसरी ओर, इस कार्यकारिणी में कुछ रणनीतिक संतुलन भी देखा गया है। ओम सोनी जैसे नेताओं को प्रमोशन मिला है, जो भाजपा नेता अमित साहू के बेहद करीबी माने जाते हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी ने स्थानीय समीकरणों और प्रभावशाली नेताओं को भी दरकिनार नहीं किया है। इसी तरह, प्रदीप ऐरी की उपस्थिति यह जताती है कि संघ और पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. रामप्रताप की निकटता भी अभी तक संगठनात्मक राजनीति में प्रभावशाली है। ऐसे नाम पार्टी की समन्वय नीति को दर्शाते हैं, जो विभिन्न धड़ों को एक साथ साधने की कोशिश कर रही है।

कार्यकारिणी की सबसे सराहनीय बात यह है कि इसमें महिलाओं को अधिक तवज्जो दी गई है। कुल 30 में से 7 पद महिलाओं को दिए गए हैं, जो लगभग 23.33 प्रतिशत बैठते हैं। यह एक स्पष्ट संकेत है कि भाजपा संगठनात्मक स्तर पर महिलाओं को आरक्षण या प्रतिनिधित्व देने की नीति को अमल में ला रही है। खासकर शिमला मेहंदीरत्ता को मंत्री पद दिया जाना और उनके संगठनात्मक पृष्ठभूमि से जुड़ाव यह दर्शाता है कि पार्टी अब अनुभव की दक्षता और सामाजिक प्रभाव को भी महत्व दे रही है।
इस पूरी संरचना में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठता का संतुलन दिखता है। यह दिखाता है कि जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने सोच-समझकर टीम बनाई है। यह टीम केवल चुनावी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि संगठन को दीर्घकालीन रूप से मजबूत करने के लिए तैयार की गई प्रतीत होती है। चूंकि संघ की सहमति से बनी टीम में क्षेत्रीय नेताओं की ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ की संभावना कम होती है, इसलिए कार्यकर्ताओं को अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता और स्वाभाविक संगठनात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा।

हालांकि यह भी स्पष्ट है कि इस टीम के सामने अब गंभीर चुनौतियां भी होंगी। निकट भविष्य में निकाय और पंचायतीराज चुनाव हैं। ऐसे में, यह देखना दिलचस्प होगा कि वैचारिक रूप से मजबूत, लेकिन राजनीतिक रूप से अपेक्षाकृत नए चेहरों वाली यह टीम भाजपा के लिए कितनी प्रभावशाली साबित हो पाती है।
बेशक, संघ की छाया में बनी इस कार्यकारिणी से यह साफ है कि भाजपा अब अपनी जड़ों की ओर लौट रही है, वह जड़ें, जहां से विचार, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा निकलती है। यह वापसी केवल एक संगठनात्मक प्रयोग नहीं, बल्कि आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और दिशा दोनों को नया मोड़ देने वाला कदम बन सकती है। हनुमानगढ़ जैसे जिले में यह प्रयोग सफल रहा, तो यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।
संक्षेप में कहें तो यह कार्यकारिणी वैचारिक पुनर्स्थापना, सामाजिक संतुलन और रणनीतिक संगठनात्मक सुधार का एक संगठित प्रयास है, जो न केवल भाजपा के वर्तमान को दिशा देगा, बल्कि भविष्य की राजनीति के लिए भी आधार तैयार करेगा।
-लेखक भटनेर पोस्ट मीडिया ग्रुप के चीफ एडिटर हैं





