



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
कॉलेज परिसर में तालियों की गूंज के बीच जब छात्राओं ने पहली बार आत्मरक्षा के दांव-पेंच आज़माए, तो माहौल में आत्मविश्वास साफ़ झलक रहा था। कोई संतुलन साधते हुए बचाव की मुद्रा में थी, तो कोई सतर्क निगाहों के साथ सामने खड़े खतरे को परख रही थी। मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में छिपे साइबर जाल से बचने के गुर भी उसी गंभीरता से समझे जा रहे थे। यही दृश्य था बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज का, जहां महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा महिला कौशल प्रशिक्षण एवं साइबर अपराध जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया गया। सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में बेटियों को आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का सशक्त संदेश दिया जा रहा है, क्योंकि आज की बेटी को सिर्फ पढ़ा-लिखा नहीं, बल्कि सतर्क, सक्षम और निडर होना भी ज़रूरी है।
मुख्य अतिथि सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेंद्र गोयल थे, विशिष्ट अतिथि के रूप में सी.आई. संतोष ढाका एवं निवर्तमान पार्षद अंजना जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने की। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि जितेंद्र गोयल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि संतोष ढाका ने कहा कि ऐसे शिविरों से आमजन व महिलाओं में आत्मरक्षा की जागरूकता बढ़ेगी। महिलाएं स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रह सकें। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए सावधानी बरतने के महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
शिक्षाविद् डॉ. सुमन चावला ने कहा कि आज 21 वीं सदी में जहां आधुनिकता बढ़ी है, वहीं कुछ युवा नशे की लत के कारण अपनी सुध बुध भुला चुका है। महिलाओं व बेटियों को आत्मनिर्भर होते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा और अपनी आत्मरक्षा हमारा प्रथम अधिकार है। बेटियां अगर इस आत्मरक्षा शिविर में भाग लेकर अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होगी तभी यह शिविर सार्थक है।
महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में आत्मरक्षा के गुर सीखना उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम में बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज के प्रशासक परमानंद सैनी, महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की संरक्षक दर्शना अग्रवाल, एडवोकेट मंजुला गर्ग, बृज किशोर तिवारी, सुभाष गर्ग, श्याम सुंदर बंसल, कोमल कुमार अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त समिति के सलाहकार अमृत गोयल, मोहित बलाडिया, उपाध्यक्ष अनुपमा विजय, कोषाध्यक्ष रेखा बंसल, सचिव मोनिका जिंदल, संगठन मंत्री वनिता सिंगला, सह संगठन मंत्री लीजा गोयल, सोनू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सदस्य, कॉलेज स्टाफ एवं छात्राएं मौजूद रहीं।
शिविर के दौरान महिला पुलिस प्रशिक्षक मास्टर ट्रेनर द्वारा छात्राओं एवं बेटियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं डिजिटल जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की जाएंगी।








