



भटनेर पोस्ट डेस्क.
राजस्थान के दिव्यांग कबड्डी खिलाड़ियों के लिए यह समय किसी उत्सव से कम नहीं। संघर्ष, साधना और सपनों से सजी उनकी दुनिया को नई उड़ान मिली है। आगामी तीसरी पैरा नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ 11 जनवरी को अम्बेडकर भवन, हनुमानगढ़ जंक्शन में हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 14 होनहार खिलाड़ी इस शिविर में पसीना बहा रहे हैं और पूरे जोश के साथ राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का परचम लहराने को तैयार हैं।
मुख्य अतिथि सागरमल लड्डा, विशिष्ट अतिथि मनसुखजीत सिंह बंगा, अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह, फतेहगढ़िया मार्ट के निशांत नागपाल और अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी विक्रम सिंह मान की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। मंच से जब दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसलों की बात हुई, तो हर चेहरे पर गर्व और हर आंख में उम्मीद चमकती दिखी।

राही सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश कुमावत ने बताया कि यह शिविर सोसायटी और जन सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आवास, भोजन, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि वे बिना किसी चिंता के सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी किसी से कम नहीं होते, बस उन्हें सही मंच और सही अवसर की जरूरत होती है। शिविर का उद्देश्य सिर्फ अभ्यास कराना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक क्षमता को नई धार देना है। नई रणनीतियों, आधुनिक तकनीकों और मैच सिचुएशन की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लक्ष्य साफ है, खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार करना, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरें और हर मुकाबले में चुनौती बनें।

अनुभवी एनआईएस कोच सुनील सामरिया सभी खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उनके लंबे अनुभव और अनुकूल प्रशिक्षण विधियों का सीधा लाभ दिव्यांग खिलाड़ियों को मिल रहा है। कोच सामरिया खिलाड़ियों की शारीरिक सीमाओं को समझते हुए उनकी ताकत को पहचान रहे हैं और उसी के अनुसार अभ्यास करवा रहे हैं। उनका मानना है कि सही दिशा में मेहनत करवाई जाए, तो ये खिलाड़ी किसी भी टीम को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

शिविर में भाग ले रहे खिलाड़ी विभिन्न जिलों से आए हैं और सभी के मन में एक ही सपना है, पैरा कबड्डी नेशनल खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करना और राज्य को गौरव दिलाना। अभ्यास सत्रों में उनकी लगन देखने लायक है। कोई रेड की तकनीक सुधार रहा है, तो कोई डिफेंस की दीवार मजबूत कर रहा है। हर खिलाड़ी खुद से लड़ रहा है, अपनी सीमाओं को तोड़ रहा है।

राजस्थान टीम इंचार्ज और अर्जुन अवॉर्डी जगसीर सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक शानदार मंच साबित होगी। इससे देश को बेहतरीन प्रतिभाएं मिलेंगी और समाज में यह संदेश जाएगा कि खेल सिर्फ शरीर से नहीं, हौसले से खेले जाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रतियोगिता की आयोजन सचिव संदीप कौर ने कहा, ‘हम इस प्रतियोगिता को लेकर बहुत उत्साहित हैं। यह पैरा एथलीटों के लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक सपना है। हम चाहते हैं कि हर दिव्यांग खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले, और यह शिविर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’

यह प्रशिक्षण शिविर 21 जनवरी से 26 जनवरी तक विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाली नेशनल प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों को तैयार करेगा। उम्मीद है कि इस बार पैरा कबड्डी का स्तर और ऊंचा जाएगा। गौरतलब है कि पिछली बार भी राजस्थान के पैरा कबड्डी दिव्यांग खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गाजियाबाद में आयोजित राष्ट्रीय पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया था। यह रिकॉर्ड खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और मजबूत कर रहा है।


