








भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 556 वें प्रकाशोत्सव को समर्पित महान गुरमत समागम एंव विशाल सिक्ख ऐतिहासिक प्रदर्शनी के तहत 8 नवंबर को दस्तारबंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दूरदराज क्षेत्र से आए सिक्खों ने दस्तारबंदी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस दौरान सिक्ख समुदाय के बच्चों और युवाओं को दस्तारबंदी प्रतियोगिता से पहले दस्तार बांधने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों ने दस्तारबंदी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक दस्तार बाँध कर कौशल, गौरव और श्रद्धा का प्रदर्शन किया । करीने से बंधी तहों से लेकर उनकी अनूठी शैली को दर्शाने वाले राजसी रंगों से यूनिवर्सिटी के वातावरण में एक गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव की झलक दिखाई दी।

श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा ने कहा, ‘सिक्ख पगड़ी केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि हमारे सैकड़ों वर्षों के इतिहास और विरासत का प्रतीक है। यह आपको हमेशा अपने और इस दुनिया में ज़रूरतमंदों के लिए खड़े होने की याद दिलाती रहे। हर उस युवा सिर को सलाम जिसने गर्व से दस्तार पहनी। आपकी पगड़ी आपको हमेशा याद दिलाती रहे कि आप कौन हैं और आपको क्या बनना है। दुनिया आपमें गुरु गोबिंद सिंह जी के खालसा की निडर, निष्ठावान और स्वतंत्र भावना देखे। विश्वविद्यालय प्रांगण में अखण्ड पाठ साहिब का आयोजन किया जा रहा है। इसका भोग आज रविवार को होने वाले महान गुरमत समागम में पड़ेगा। यहां रागी जत्थों द्वारा गुरुओं का गुणगान किया जा रहा है।’

ट्रस्ट उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ने बताया कि इस आयोजन में आए स्कूली बच्चों से सिक्ख समुदाय के इतिहास के सवाल भी पूछे गए। प्रभावशाली मन में सिक्ख मूल्यों को पोषित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दस्तार के महत्व को स्थापित करना रहा। डॉ. कुलवंत सिंह ने बताया कि दस्तारबंदी प्रतियोगिता में अव्वल रहने वाले बच्चों और युवाओं का परिणाम टर्बन जंक्शन संचालक सरदार इकबाल सिंह, अमनदीप सिंह, गुरलाल सिंह निर्णायकों द्वारा आज जारी किया जायेगा।

9 नवंबर को महान गुरमत समागम का आयोजन सुबह 10 बजे से 1 बजे तक किया जायेगा। इस अवसर पर दीवान सजाया जायेगा एंव पंथ प्रसिद्ध कीर्तन जत्थे भाई सुखविन्द्र सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा चिल्ला साहिब, भाई गुरप्रीत सिंह खालसा, भाई गुरप्रीत सिंह नामदेव संगतों को कथा कीर्तन द्वारा निहाल करेंगे। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर बरताया जायेगा। आज आयोजित कार्यक्रम में रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला, मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश जुनेजा, वाईस चांसलर प्रो. रामावतार मीणा, रजिस्ट्रार डॉ. श्यामवीर सिंह, सेवादार सुरेन्द्र सिंह छिन्दा, प्रशासक संजीव शर्मा, अमरजीत सिंह, नवजोत सिंह, लखविन्द्र सिंह बराड, अमरीक सिंह, गुरध्यान सिंह, जसपिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

एसकेडी यूनिवर्सिटी प्रांगण में सिक्ख साहित्य और चित्रों की विशाल सिक्ख ऐतिहासिक प्रदर्शनी को देखने के लिए जिले सहित सभी तहसीलों के स्कूलों से दिनभर हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं आते रहे। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सिक्ख संगत, खासकर विद्यार्थियों को सिक्ख साहित्य और चित्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से समृद्ध विरासत से रूबरू कराना है। यह आयोजन सिक्ख धर्म की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। प्रदर्शनी में सिक्ख इतिहास, दर्शन और कला से जुड़ी कई अनमोल कृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जो आगंतुकों को सिक्ख धर्म की गहराई को समझने में मदद करती हैं।

एसकेडी यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन वरुण यादव ने बताया कि यह प्रदर्शनी न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि यह सिक्ख समुदाय को अपनी जड़ों से जुड़ने का एक शानदार अवसर भी प्रदान करती है। यहां आने वाले न केवल सिक्ख संस्कृति और परंपराओं के बारे में भी सीखते हैं बल्कि गुरु नानक देव जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भी सहायक साबित होते है।
श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में महान गुरमत समागम एवं विशाल सिक्ख ऐतिहासिक प्रदर्शनी के 9 नवंबर को होने वाले मुख्य समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिढ़ा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्षेत्रीय कार्यवाह जसवंत खत्री और पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।



