



भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित नॉर्थ पॉइंट पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट्स एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर श्रीगंगानगर पहुंचे। इस विशेष भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था, ताकि वे इतिहास, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें। भ्रमण दल ऐतिहासिक स्थल बुढ़ा जोहड़ तथा गंगानगर स्थित राजकीय अंध विद्यालय के लिए रवाना हुआ। विद्यालय परिसर से इस भ्रमण दल को शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी अमरजीत सिंह कौशिक, बाल कल्याण समिति सदस्य विजय सिंह चौहान, पूर्व पार्षद बलराज सिंह, सौरभ शर्मा एवं मनोज बड़सीवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों के चेहरे पर नई जगहों को देखने और सीखने की जिज्ञासा साफ झलक रही थी।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभवों से ही उसका पूर्ण अर्थ स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सामाजिक समझ विकसित करते हैं। जब बच्चे किसी ऐतिहासिक स्थल को स्वयं देखते हैं, उसकी संरचना और पृष्ठभूमि को समझते हैं, तो उनके भीतर अपने अतीत के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जागृत होती है।

भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने बुढ़ा जोहड़ का अवलोकन किया। यह स्थल अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। यहां की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापत्य को देखकर विद्यार्थियों ने अनेक प्रश्न पूछे और अपने शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि किस प्रकार यह स्थल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। विद्यार्थियों ने इतिहास को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक रूप में देखा, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा।

इसके बाद भ्रमण दल गंगानगर स्थित राजकीय अंध विद्यालय पहुंचा। यहां विद्यार्थियों ने दृष्टिबाधित बच्चों से संवाद किया और उनके जीवन को करीब से समझने का प्रयास किया। इस मुलाकात ने विद्यार्थियों के भीतर संवेदनशीलता और सहानुभूति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया। उन्होंने जाना कि चुनौतियों के बावजूद किस प्रकार ये बच्चे शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को यह सीख दी कि जीवन में कठिनाइयों के बावजूद सकारात्मक दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ा जा सकता है।

विद्यालय की प्रिंसिपल अनु चावला ने बताया कि परीक्षा से पूर्व बच्चों में तनाव की स्थिति सामान्यतः देखी जाती है। ऐसे में इस प्रकार के शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तरोताजा करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। इस तरह के भ्रमण से विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और समूह में कार्य करने की व्यवहारिक शिक्षा भी मिलती है।

शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी अमरजीत सिंह कौशिक ने कहा कि जब विद्यार्थी किसी ऐतिहासिक या सामाजिक स्थल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं, तो विषय की समझ अधिक गहरी हो जाती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भ्रमण के दौरान शिक्षकों की देखरेख में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और उत्साह का संतुलित वातावरण बना रहा। विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता की दिशा में भी एक सशक्त पहल साबित हुआ। इतिहास से साक्षात्कार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव ने विद्यार्थियों के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। नार्थ पॉइंट पब्लिक स्कूल का यह प्रयास निश्चित रूप से शिक्षा को अनुभवात्मक और जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।






