




भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित चूना फाटक के पास प्रस्तावित रेलवे अंडरब्रिज को लेकर स्थानीय नागरिकों ने साफ शब्दों में अपना पक्ष रख दिया है। वार्ड 50 के नागरिकों ने कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर अंडरब्रिज के डिजाइन पर गंभीर आपत्ति जताई। नागरिकों का कहना है कि यदि यहां एच-शेप अंडरब्रिज का निर्माण नहीं किया गया और यू-शेप डिजाइन लागू हुआ, तो आने वाले दशकों तक यह अंडरब्रिज सुविधा नहीं बल्कि ट्रैफिक जाम का स्थायी कारण बन जाएगा।

ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेता अश्विनी पारीक ने कहा कि चूना फाटक ऐसा इलाका है, जहां चारों दिशाओं से सड़कें आकर मिलती हैं। इस कारण यहां बनने वाला रेलवे अंडरब्रिज केवल वर्तमान जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एच-शेप अंडरब्रिज ही इस समस्या का व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान है।

पारीक ने बताया कि यदि यू-शेप अंडरब्रिज बनाया गया तो सतीपुरा ढालिया की ओर से आने वाले किसानों की ट्रॉलियां और बड़े वाहनों को मुड़ने में भारी दिक्कत होगी। ट्रॉलियों की लंबाई और वजन के कारण मोड़ पर जाम लगना तय है, जिससे न केवल किसानों का समय बर्बाद होगा बल्कि आम नागरिकों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने पावर हाउस रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां से आने वाले वाहनों को तिलक सर्किल रोड की ओर जाने के लिए काफी आगे जाकर यू-टर्न लेना पड़ेगा। इससे सड़क पर अनावश्यक ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहेगी। पारीक ने दो टूक कहा कि अगर आज गलत डिजाइन पर अंडरब्रिज बना दिया गया, तो आने वाले 50 वर्षों तक शहर को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

अश्विनी पारीक ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से अपील की कि वह किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में आए बिना तकनीकी और व्यावहारिक आधार पर निर्णय ले। उन्होंने कहा कि अंडरब्रिज का उद्देश्य ट्रैफिक को सुगम बनाना है, न कि नई समस्याएं पैदा करना। इसलिए डिजाइन तय करते समय केवल कागजी नक्शों पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश चूना फाटक पर एच-शेप अंडरब्रिज बनाना संभव नहीं है, तो सार्वजनिक निर्माण विभाग को इस संबंध में स्पष्ट रूप से लिखित में अपनी स्थिति बतानी चाहिए और वैकल्पिक स्थान पर अंडरब्रिज शिफ्ट करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में महेंद्र चतुर्वेदी, मोहनलाल, रामचन्द्र चौधरी, राजकुमार वर्मा, मदन जुनेजा, बाबूलाल और गौरव शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास नहीं चाहते जो आने वाली पीढ़ियों के लिए परेशानी का कारण बने।




