




भटनेर पोस्ट डॉट कॉम
हनुमानगढ़ की प्रतिष्ठित संस्था व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर बालकृष्ण गोल्याण निर्वाचित हुए हैं। वे इससे पहले भी दो बार समिति अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। बी.कॉम, एलएलबी और डीएलएल की शिक्षा प्राप्त बालकृष्ण गोल्याण एक कुशल व्यापारी के साथ-साथ सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता की छवि रखते हैं। समिति की देखरेख में तीन शिक्षण संस्थानों का संचालन होता है। बालकृष्ण गोल्याण मानते हैं कि शिक्षा का मूल उद्देश्य ‘खाली दिमाग को खुले दिमाग में बदलना’ होना चाहिए और वे इसी सोच के साथ संस्थानों के संचालन पर जोर देते हैं। भटनेर पोस्ट डॉट कॉम के साथ वीकली टॉक में नवनिर्वाचित अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के संपादित अंश
चुनाव में मुकाबला बेहद करीबी रहा। इसकी क्या वजह मानते हैं?
-चुनाव कोई भी हो, आसान नहीं होता। हमने तो यह सोचा था कि यह शिक्षा समिति का चुनाव है, इसमें राजनीति नहीं होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जमकर राजनीति हुई। जब नेताओं का दखल होने लगता है तो मुकाबला स्वाभाविक रूप से कड़ा हो जाता है। फिर भी मैं उन सभी व्यापारियों और शुभचिंतकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से समर्थन दिया। उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि उनके विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगा।

आप तीसरी बार अध्यक्ष बने हैं। पिछली दो पारियों से क्या सीख मिली?
-पिछला अनुभव अच्छा रहा, तभी तीसरी बार सेवा करने की इच्छा हुई। हम बेटियों को शिक्षित करने का मिशन चला रहे हैं, कोई दुकान नहीं। हमारी कोशिश रहेगी कि बेटियों को खेलों से जोड़ा जाए, ताकि वे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनें। पहले भी छह बार राज्य स्तरीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट करवा चुके हैं और आगे भी खेलों पर विशेष फोकस रहेगा।

आज के दौर में गर्ल्स स्कूल और गर्ल्स कॉलेज सिर्फ शिक्षा नहीं, सुरक्षा और संस्कार का भी प्रश्न हैं। गुणवत्ता और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए आपकी रणनीति क्या होगी?
-सबसे पहला काम अच्छे और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति है। कोई भी शिक्षण संस्था केवल भवन और संसाधनों से नहीं चलती, उसकी असली ताकत शिक्षक होते हैं। अच्छे शिक्षक होंगे तभी अच्छे परिणाम और अच्छे संस्कार मिलेंगे। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, बसों में भी समुचित सुविधाएं हैं। बच्चों को साहित्य से जोड़ने का प्रयास पहले भी किया है और आगे भी करेंगे। साहित्य से संस्कार आते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चे अपनी गौरवशाली परंपरा से जुड़ते हैं। इस दिशा में हम विशेष ध्यान देंगे।

आज प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोचिंग कल्चर और ऑनलाइन एजुकेशन का दौर है। ऐसे में आपकी संस्था खुद को कैसे प्रासंगिक और भरोसेमंद बनाए रखेगी?
-मैंने पहले भी कहा कि दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति ही सबसे बड़ा आधार है। अकादमिक मजबूती का यही रास्ता है। हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि आने वाले समय में वीएम गर्ल्स स्कूल और कॉलेज अपने बेहतरीन परिणामों के लिए जाने जाएंगे। गुरुजनों के माध्यम से ही संस्था को प्रासंगिक और भरोसेमंद बनाए रखेंगे।

सुविधाओं के विस्तार और नवाचार को लेकर क्या योजनाएं हैं?
-खेलों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास करेंगे। वॉलीबॉल के लिए इनडोर स्टेडियम बनाने की योजना है। छोटे बच्चों के लिए नर्सरी से पांचवीं तक अंग्रेजी माध्यम की अलग विंग बनाने पर भी विचार है, ताकि बच्चों को शुरू से ही मजबूत आधार मिले। इसके साथ ही हिंदी माध्यम से नर्सरी से पांचवी तक कक्षाओं के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। आपको पता होगा कि वीएम गर्ल्स स्कूल और कॉलेज एकमात्र ऐसी संस्था है जहां सबसे कम फीस ली जाती है। इसके बावजूद जो परिवार फीस देने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी दी जाती है। यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।



