




भटनेर पोस्ट खेल डेस्क.
रांची की पिचों से निकलकर आईपीएल के बड़े मंच तक पहुंचना हर युवा क्रिकेटर का सपना होता है। झारखंड के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ सुशांत मिश्रा ने इस सपने को मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर सच कर दिखाया है। आईपीएल ऑक्शन 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने सुशांत मिश्रा को 90 लाख रुपये की बोली लगाकर अपने स्क्वॉड में शामिल किया, जिससे न सिर्फ उनके करियर को नई उड़ान मिली, बल्कि पूरे मिश्र परिवार और झारखंड-बिहार क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
आईपीएल ऑक्शन के दौरान सुशांत मिश्रा का नाम आते ही माहौल रोमांचक हो गया। उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये थी, लेकिन नीलामी आगे बढ़ते ही कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच ज़बरदस्त मुकाबला देखने को मिला। कुछ ही पलों में बोली तीन गुना तक पहुंच गई और आखिरकार राजस्थान रॉयल्स ने 90 लाख रुपये में बाज़ी मार ली।

एक मिडिल क्लास परिवार से आने वाले सुशांत ने सीमित संसाधनों में क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। न चमक-दमक, न बड़े ट्रेनिंग सेंटर, बस जुनून, अनुशासन और रोज़ की कड़ी मेहनत। यही वजह है कि वे आज देश के सबसे बड़े क्रिकेट मंच पर खड़े हैं। सुशांत मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के तुमौल गांव के रहने वाले हैं, लेकिन उनका क्रिकेटिंग सफर झारखंड की धरती पर परवान चढ़ा।

सुशांत की प्रतिभा पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब चमकी, जब उन्होंने अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। वहां उनकी तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ी, स्विंग और बाएं हाथ का एंगल बल्लेबाज़ों के लिए लगातार चुनौती बना। इसके बाद घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने खुद को लगातार निखारा। फिलहाल वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल रहे हैं, जहां उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं को लगातार प्रभावित कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले आईपीएल सीजन में गुजरात टाइटंस ने सुशांत मिश्रा को 2.20 करोड़ रुपये में खरीदा था।

सुशांत की इस उपलब्धि से उनका परिवार भावुक और गर्व से भरा हुआ है। उनके पिता समीर मिश्रा कहते हैं, ‘हमें पूरी उम्मीद है कि सुशांत आने वाले समय में अपने दम पर भारतीय टीम में भी जगह बनाएगा। उसने हमेशा मेहनत को ही अपना रास्ता बनाया है।’ दादा कृष्णदेव मिश्रा, जो एक रिटायर्ड शिक्षक हैं, पोते की सफलता को संस्कार और अनुशासन का फल मानते हैं।
मां ममता मिश्रा की आंखों में बेटे के लिए भरोसा और दुआ दोनों झलकते हैं। वे कहती हैं, ‘हमें पहले से पता था कि सुशांत अच्छा करेगा। बस अब यही उम्मीद है कि राजस्थान रॉयल्स उसे खेलने का पूरा मौका दे और वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे।’ वहीं चाचा मिहिर कुमार का कहना है, ‘सुशांत में एनर्जी है, समर्पण है और सीखने की भूख है। यही चीज़ उसे दूसरों से अलग बनाती है।’
राजस्थान रॉयल्स के लिए सुशांत मिश्रा एक रणनीतिक चयन माने जा रहे हैं। बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ होने के साथ-साथ वे पावरप्ले और डेथ ओवर्स में उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनकी स्विंग और विविधता टी20 फॉर्मेट में टीम को अतिरिक्त बढ़त दे सकती है।



