


भटनेर पोस्ट खेल डेस्क.
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज में आयोजित खेल महोत्सव ने दूसरे दिन भी साबित कर दिया कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सामूहिक ऊर्जा का उत्सव होते हैं। विभिन्न मुकाबलों में मैदान पर जोश, दर्शकों में तालियां और खिलाड़ियों के चेहरों पर जीत का जुनून साफ नजर आया। यह दिन केवल इवेंट का दूसरा दिन नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा के सामने आने का मंच था। सुबह से ही कॉलेज परिसर में अलग ही चहल-पहल दिखाई दी। खेल मैदान खिलाड़ियों से भरा हुआ था और हर ओर प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक गर्माहट महसूस की जा सकती थी। दूसरे दिन चम्मच रेस, किक बॉल, फोर स्क्वायर सहित कई रोचक और चुनौतीपूर्ण खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यह साबित किया कि खेलों में भी वे किसी से कम नहीं हैं।

चम्मच रेस भले ही देखने में सरल लगे, लेकिन मैदान पर यह संतुलन, एकाग्रता और धैर्य की असली परीक्षा बनकर सामने आई। हल्की-सी चूक पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती थी। खिलाड़ियों ने पूरी गंभीरता के साथ इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दर्शकों की निगाहें खिलाड़ियों पर टिकी रहीं और हर सफल प्रयास पर तालियों की गूंज मैदान में फैलती रही।
किक बॉल और फोर स्क्वायर प्रतियोगिताओं में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। यहां व्यक्तिगत कौशल के साथ-साथ टीमवर्क और रणनीति की भूमिका साफ दिखाई दी। किक बॉल में खिलाड़ियों की फुर्ती, सही समय पर लिया गया निर्णय और टीम के बीच तालमेल काबिल-ए-तारीफ रहा। फोर स्क्वायर में तेजी, सतर्कता और मैदान पर नियंत्रण ने खेल को दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक बना दिया। कई मुकाबले अंतिम क्षणों तक बराबरी पर रहे, जिससे उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया।

खेल महोत्सव के दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं का शुभारंभ शिक्षाविद भगवानदास गुप्ता ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर न केवल उनका मनोबल बढ़ाया, बल्कि खेलों के महत्व पर भी सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक और नैतिक मजबूती भी प्रदान करते हैं। खेलों के माध्यम से अनुशासन, सहनशीलता, नेतृत्व और सहयोग जैसी जीवनोपयोगी क्षमताएं विकसित होती हैं, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव बनती हैं।

भगवानदास गुप्ता ने यह भी कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों पर पढ़ाई और प्रतियोगिता का लगातार दबाव बना रहता है। ऐसे समय में खेल मानसिक तनाव को दूर करने का सबसे प्रभावी साधन हैं। नियमित खेल गतिविधियों से शरीर स्वस्थ रहता है और आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा के साथ खेलों को समान महत्व देने की सराहना की और इसे विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।

मैदान के बाहर भी माहौल कम दिलचस्प नहीं था। दर्शक दीर्घा में बैठे विद्यार्थी अपने साथियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। कहीं जीत की खुशी थी तो कहीं हार के बाद भी मुस्कान और अगली बार बेहतर करने का संकल्प। यही खेल भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, खेल प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। खेल समिति के सदस्यों ने पूरे समर्पण के साथ प्रतियोगिताओं का संचालन किया। निर्णायकों ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया, जिससे प्रतियोगिता की विश्वसनीयता बनी रही। खेल महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का और अवसर मिलेगा।

विजयी प्रतिभागियों को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा, जो खिलाड़ियों के लिए एक और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय वाइस चेयरमैन रौनक विजय, प्रशासक परमानंद सैनी, प्रिंसिपल डॉ. विशाल पारीक, उपप्राचार्य डॉ. मनोज शर्मा और बीएड प्राचार्य डॉ. संतोष महला का विशेष सहयोग रहा। कुल मिलाकर, खेल रिपोर्टर की नजर से यह दिन खेल, अनुशासन और उमंग का शानदार उदाहरण रहा, जिसने यह साबित कर दिया कि बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज में खेल वास्तव में शिक्षा का मजबूत साथी हैं।


