






भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाशोत्सव को समर्पित महान गुरमत समागम एवं विशाल सिख ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन 7, 8 और 9 नवम्बर को बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। सेवादार सुरेन्द्र सिंह छिन्दा ने बताया कि गुरु पर्व के अवसर पर लगाई जाने वाली विशाल सिख ऐतिहासिक प्रदर्शनी में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सिख इतिहास से जुड़ा साहित्य, दुर्लभ चित्र और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। हनुमानगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों से विद्यार्थियों एवं संगतों के लिए प्रदर्शनी देखने की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे सिख इतिहास और विरासत से परिचित हो सकें।

इसी क्रम में 9 नवम्बर को महान गुरमत समागम का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर दीवान सजाया जाएगा, जिसमें पंथ प्रसिद्ध कीर्तन जथे भाई सुखविन्द्र सिंह (हजूरी रागी गुरुद्वारा चिल्ला साहिब), भाई गुरप्रीत सिंह खालसा, और भाई गुरप्रीत सिंह नामदेव संगतों को कथा-कीर्तन और गुरबाणी के माध्यम से निहाल करेंगे।

संगतों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न क्षेत्रों से निःशुल्क बसों की व्यवस्था भी की गई है। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया जाएगा।

श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने सभी संगतों से इस ऐतिहासिक समागम में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान गुरु महाराज की शिक्षाओं पर आधारित विचार-संप्रेषण, कथा-कीर्तन और पवित्र गुरबाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर मिलेगा।

प्रदर्शनी में सिख इतिहास से संबंधित दुर्लभ पांडुलिपियाँ, हथियार, चित्र और वर्तनाएँ विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। सिख गुरुओं की जीवन गाथा और वीरता की कहानियाँ इस प्रदर्शनी में जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएंगी, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ गुरु परंपरा की महानता और संदेशों से प्रेरणा ले सकेंगी।





