

एमएल शर्मा.
समूचे देश के लिए ‘हर्ष मिश्रित गर्व’ का क्षण, जब भारत की शेरनियां ‘कंगारुओं’ पर भारी पड़ी। नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम उस पल का साक्षी बना जब भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को चारों खाने चित्त कर फाइनल में जोरदार एंट्री की। भारत ने नवी मुंबई में विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। ऑस्ट्रेलिया की टीम जारी टूर्नामेंट में पहली बार हारी है और टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 49.5 ओवर में 338 रन बना दिए। इसके जवाब में भारत ने जेमिमा रोड्रिग्स के शतक और हरमनप्रीत कौर के साथ तीसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत मुकाबला 9 गेंद शेष रहते अपने नाम किया। भारत ने वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे सफल ‘रन चेज’ हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की। भारत ने 48.3 ओवर में 5 विकेट खोकर 341 रन बनाए। जीत का जुनून व जज्बा ही था जो 9 गेंद रहते ‘बेटियों’ ने मुकाबला अपने नाम किया।

हालांकि, 339 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने पावरप्ले में 60 रनों पर 2 विकेट खो दिए । शेफाली वर्मा 10 और स्मृति मंधाना 24 रन बनाकर जल्दी आउट हो गई परन्तु, अपने संकल्प के बूते जेमिमा रोड्रिग्स व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के सपनों पर पानी फेर दिया। कुछ ने संयमित पारी खेली तो कुछ ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मुजायरा करवाया। कप्तान ने 88 गेंद में 89 रन बनाए। हरमनप्रीत और जेमिमा के बीच तीसरे विकेट के लिए 156 गेंद में 167 रन की साझेदारी हुई। दीप्ति शर्मा 17 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुईं। ऋचा 16 गेंद में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। इनकी छोटी पर धुंआधार पारी की बदौलत ही इंडिया दवाब में नहीं आई।जेमिमा रोड्रिग्स 134 गेंद में 127 रन बनाकर नाबाद लौटी। अमनजोत 15 रन बनाकर नाबाद रही। ऑस्ट्रेलिया की ओर से गार्थ और सदरलैंड ने 2-2 विकेट लिए।

ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तान एलिसा हीली ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, लेकिन फोएबे लिचफील्ड ने 119, एलिस पैरी ने 77 और एश्ली गार्डनर ने 63 रनों की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि,भारत का क्षेत्ररक्षण इस मैच में खूब खराब रहा, पर अंत भला तो सब भला।

मैदान में अमनजोत ने जैसे ही विजयी चौका जड़ा, पूरा स्टेडियम झूम उठा। डगआउट में खिलाड़ियों की खुशी आंखों से बह निकली। जज्बात खुलकर दिखाई दिए। टीवी पर मैच देख रहे क्रिकेट प्रेमियों में भी जबरदस्त खुशी छा गई।
भावुकता इतनी की ‘हर आंख नम’। जेमिमा रोड्रिग्स को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब मिला जिसे उन्होंने स्टेडियम में मौजूद अपने पापा को समर्पित किया। जेमिमा का कथन ‘मैदान पर गिरने से डर नहीं लगता, हारने से लगता है’ ही इस जीत की प्रेरणा बना। जीत के बाद भारतीय टीम की दीप्ति शर्मा, श्रीचरनी, क्रांति गौड, हरलीन कौर, ऋचा घोष सहित सभी बेटियों ने देश को धन्यवाद दिया। अब 2 नवंबर को फाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। कप्तान हरमन से इल्तज़ा कि फाइनल में ‘हर मन चाहे जीत’।





