








भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
समाज की असली ताकत तभी नजर आती है जब लोग जरूरतमंदों के लिए एक परिवार की तरह खड़े हों। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, रोडावाली का माहौल बिल्कुल ऐसा ही था। अवसर था, अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन एवं अग्रवाल महिला उप समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम का। इसमें 150 स्कूली बच्चों को टाई, बेल्ट, चॉकलेट्स और मिठाई वितरित की गई। बच्चों की आंखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन की अध्यक्ष मिताली अग्रवाल ने की। उनके साथ महामंत्री दीपा डालमिया, कार्यकारी अध्यक्ष रीणु बंसल, सचिव अंजलि गोयल, डॉ. शिवानी गर्ग, रेनू गर्ग, प्रियंका गोयल, आशा गुप्ता, प्रीति गुप्ता और राज मित्तल आदि मौजूद थे। विद्यालय प्रधान पंकज कुमार ने आभार जताते हुए कहा कि यह सहयोग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। मंच संचालन अध्यापक विजय कटारिया ने किया।

अध्यक्ष मिताली अग्रवाल ने कहा ‘बच्चों के चेहरों पर जो सच्ची मुस्कान झलकती है, वही समाज की असली पूंजी है। यदि हम आने वाली पीढ़ी को आत्मसम्मान, संस्कार और आत्मविश्वास की ताकत दे सकें, तो समझिए हमने अपना दायित्व निभा दिया।’
मिताली अग्रवाल ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कठिनाइयों से घबराए बिना निरंतर आगे बढ़ें और अपने माता-पिता तथा गुरुजनों का मान बढ़ाएँ।

ग्रामीणों ने भी अग्रवाल समाज महिला शाखा की पहल को मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहाकि मिताली अग्रवाल का नाम अग्रवाल महिला सम्मेलन की गतिविधियों में नेतृत्व और समर्पण का पर्याय बन चुका है। उनके नेतृत्व में संगठन ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में कई सराहनीय पहल की हैं।

मिताली अग्रवाल कहती हैं, ‘समाज की प्रगति तभी संभव है जब हर वर्ग का उत्थान हो। खासकर वे बच्चे और महिलाएँ, जिनके पास संसाधनों की कमी है, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना ही हमारा लक्ष्य है।’

अग्रवाल महिला उप समिति ने समय-समय पर गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, पुस्तकें और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। खास बात है कि कार्यक्रम के दौरान जब बच्चों को टाई और बेल्ट पहनाई गईं, तो कक्षा-कक्ष तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठे। मिठाई और चॉकलेट पाकर नन्हें-मुन्नों की खुशी देखने लायक थी। विद्यालय प्रधानाचार्य पंकज कुमार ने कहा कि इस तरह के सहयोग से विद्यार्थियों में आत्मगौरव की भावना बढ़ती है और उनका मन पढ़ाई की ओर अधिक केंद्रित होता है।




