









भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
मां केवल जीवनदायिनी ही नहीं, बल्कि प्रेरणा, त्याग और निःस्वार्थ प्रेम की मूर्ति है। उसका ऋण कोई भी संतति जीवन भर चुकता नहीं कर पाती। मां की इसी महानता को समर्पित श्रीदेवी महिला पॉलिटेक्निक का ‘मातृवंदना एवं प्रतिभा सम्मान समारोह’ मातृ-श्रद्धा और नारी सशक्तिकरण का अनूठा संगम है। बदलते दौर में जहां समाज और परिवार की दिशा तय करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होती जा रही है, वहीं बेटियों के लिए तकनीकी शिक्षा नई राहें खोल रही है। यह शिक्षा उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाती है बल्कि सामाजिक और आर्थिक नेतृत्व की क्षमता भी देती है। हनुमानगढ़ में आयोजित इस भावपूर्ण समारोह ने मां के आदर्शों को स्मरण करते हुए बेटियों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में सम्मानित हुई प्रतिभाशाली छात्राओं की सफलता ने यह सिद्ध किया कि यदि बेटियों को अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे हर क्षेत्र में इतिहास रच सकती हैं।

मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन में हर तरह के ऋण से मुक्त हो सकता है, परंतु मां का ऋण कभी नहीं चुका सकता। मां का स्नेह और त्याग ही जीवन का आधार है। हम सभी आजीवन मां के ऋणी रहते हैं। उन्होंने बदलते युग की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि आज बेटियों को तकनीकी शिक्षा देना समय की मांग है। यह केवल उनके करियर का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के सशक्तिकरण का आधार है। डॉ. यादव ने छाजेड़ परिवार को साधुवाद देते हुए कहा कि पिछले चार दशकों से यह आयोजन जिस निरंतरता और समर्पण से हो रहा है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है।

तेरापंथ आंचलिक सभा अध्यक्ष प्रकाश जैन ने मां को सृष्टि की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा, ‘मां का निःस्वार्थ प्रेम और त्याग किसी भी अन्य रिश्ते से बड़ा है। मातृ वंदना का यह आयोजन हमें जीवन की असली जड़ों से जोड़ता है।’
जिला कोषागार अधिकारी के.के. शर्मा ने इस आयोजन को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा, ‘मां की स्मृति को इस रूप में जीवित रखना और बेटियों को आगे बढ़ने का मंच देना वास्तव में प्रेरक प्रयास है।’
पीलीबंगा की एसडीएम उमा मित्तल ने कहा, ‘मां के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यहां आकर मैं स्वयं को धन्य अनुभव कर रही हूं। संस्थान की छात्राओं ने जिस तरह सफलता पाई है, उसका श्रेय उनकी मेहनत और संस्थान के उत्कृष्ट मार्गदर्शन को जाता है।’

संस्थान के निदेशक आर. के. जैन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘यह समारोह मातृ ऋण को चुकाने का एक विनम्र प्रयास है। मां के प्रति यह समर्पण ही इस आयोजन की आत्मा है।’

इस अवसर पर सुरेन्द्र छाजेड़, डॉ. कांता छाजेड़ और मंजू छाजेड़ ने अतिथियों के साथ मिलकर प्रतिभाओं का सम्मान किया। समारोह का मुख्य आकर्षण रहा संस्थान की 7 प्रतिभाशाली पूर्व छात्राओं का सम्मान। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनुजा (आर्किटेक्चर), जसन (कंप्यूटर विज्ञान) और हरमन (फैशन डिजाइन) को उनके-अपने विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

व्यावसायिक क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बबीता (राजस्थान सरकार में सूचना सहायक), संध्या (माटी डिजाइन में रचनात्मक योगदान), सोनिया वर्मा (उत्तम भारत ट्रांसफार्मर, जयपुर में विक्रय प्रबंधक) और मनीषा बिश्नोई (गोलूवाला में ‘पश्मीना बुटीक’ की सफल उद्यमी) को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट किए गए।

कार्यक्रम में संस्थान की छात्राओं ने ‘मातृवंदना’ पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हंसवाहिनी संगीत कला मंदिर के विद्यार्थियों ने अपने मधुर गायन से मां की स्मृति को सजीव कर दिया। दर्शक दीर्घा में बैठे सैकड़ों श्रोताओं ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।

समारोह में डिस्टिक्ट प्रेस क्लब अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, भीम शर्मा, हिमांशु मिड्डा, प्रदीप बोथरा, विनोद बांठिया, पूर्व एक्सईएन व अग्रवाल समाज समिति अध्यक्ष सुभाष बंसल, शंकरलाल शर्मा, सीताराम छाबा, राजेंद्र बंसल, ऋषभ चोरड़िया, हरीश दफ्तरी, गुमानमल मटोरिया, भरत रांका, हेमंत गर्ग, हरदेव जोशी, रामकुमार रिणवा, संतोष बांठिया, गुलशन अरोड़ा, सुषमा बैद, मधु दफ्तरी, रामनिवास मांडन, आदित्य गुप्ता, बालकिशन गोल्यान, हरी खदरिया सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, पत्रकार और व्यवसायी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। डायरेक्टर राजकुमार जैन ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन आनंद जैन ने किया। कार्यक्रम के उपरांत सम्मानित प्रतिभाओं के सम्मान में सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सभी अतिथियों और नागरिकों ने सहभागिता की।

