





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
बचपन किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होता है, लेकिन यही नन्हीं उम्र पेट में कीड़ों (कृमि संक्रमण) जैसी समस्या से जूझे तो उसका असर पूरे जीवन पर पड़ता है, शारीरिक विकास रुक जाता है, पोषण और हीमोग्लोबिन स्तर गिर जाता है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तक प्रभावित होती है। इसी खतरे से बचाने और अगली पीढ़ी को स्वस्थ भविष्य देने के उद्देश्य से हनुमानगढ़ जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। जिले भर में एक साथ चलाए गए इस अभियान की शुरुआत जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खुंजा (हनुमानगढ़ जंक्शन) से बच्चों को एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाकर की। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों, सरकारी-निजी विद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में भी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को दवा पिलाई गई। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों, सरकारी व निजी विद्यालयों, मदरसों और तकनीकी संस्थानों में जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई।

जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक विकास, हीमोग्लोबिन स्तर, पोषण और बौद्धिक विकास पर प्रतिकूल असर डालता है। पेट में कीड़े पड़ने से बच्चों का विकास रुक जाता है, जिसे समय-समय पर कृमि नाशक दवा खिलाकर रोका जा सकता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि अपने बच्चों को एल्बेंडाजॉल की गोली अवश्य खिलाएं।

सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में आज यानी 22 अगस्त को 6 से 19 साल तक के बच्चों को विद्यालयों और एक से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में कृमि नाशक दवा दी गई है। एक से दो साल तक के बच्चों को आधी गोली चूर कर पानी के साथ, दो से तीन साल के बच्चों को पूरी गोली चूर कर पानी के साथ, तीन से 19 साल तक के बच्चों व किशोरों को पूरी गोली चबा कर पानी के साथ दी गई है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि जो बच्चे दवा नहीं ले पाए, उन्हें 29 अगस्त को मॉपअप राउंड में दवा दी जाएगी। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बच्चों को हाथ धोने की विधि ‘सुमन-के्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले हाथ धोना बेहद जरूरी है, क्योंकि गंदे हाथों से भोजन करने से पेट में कीड़े पड़ जाते हैं, जो पोषण क्षमता को घटाते हैं और बीमारियां फैलाते हैं। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा, बीसीएमओ डॉ. कुलदीप बराड़, आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रभारी डॉ. विक्रमसिंह, आईईसी मनीष शर्मा और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।



