




भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिला ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने जिले में बढ़ती ओवरलोडिंग की समस्या को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस मुद्दे पर संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तुरंत प्रभाव से ओवरलोडिंग बंद कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि ओवरलोडिंग के चलते जिले के करीब दो हजार ट्रक ठप पड़ने की कगार पर हैं, जिससे न केवल ट्रक मालिकों बल्कि लगभग छह हजार परिवारों का जीवन-यापन संकट में आ गया है।

संघ के अध्यक्ष जुगल किशोर राठी ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में करीब 2000 ट्रक हैं, इनसे जिले में करीब 6000 परिवारों का भरण पोषण होता है। बीकानेर से करीब 150 टन यानी 1500 क्विंटल की गाड़ियां भरकर आती हैं। जिनकी रॉयल्टी सिर्फ 380 क्विंटल की होती है। इससे राजस्व के रूप में सरकार का करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इससे न सिर्फ सड़क बल्कि हादसों की वजह से जान-माल का भी नुकसान हो रहा है। राठी के मुताबिक, यह सब खनिज विभाग व परिवहन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। हरियाणा राज्य की ट्रक यूनियनों द्वारा बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग करवाई जा रही है। इस कारण हनुमानगढ़ के ट्रक व्यवसाय पर गहरा असर पड़ रहा है। हालत यह है कि जिले की ट्रक यूनियनों के दफ्तरों पर ताले लगने की नौबत आ गई है।

संघ के अनुसार, जिले में इस समय लगभग 1500 ट्रक खड़े हैं। फाइनेंस कंपनियां ट्रक जब्त करने की कार्रवाई कर रही हैं क्योंकि मालिक समय पर किश्तें चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। कई गाड़ियां जिनकी आरसी निरस्त हो चुकी है, वे भी खनन कार्य में ओवरलोडिंग करके धड़ल्ले से चल रही हैं। इससे नियमों का उल्लंघन तो हो ही रहा है, साथ ही वैध रूप से काम करने वाले ट्रक मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरा बीकानेर संभाग, चूरू और जयपुर संभाग के ट्रक मालिक पहले ही ओवरलोडिंग के खिलाफ आंदोलनरत हैं। अब हनुमानगढ़ जिले के ट्रक ऑपरेटर भी मजबूरन आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं।
रविंद्र धारणिया ने बताया कि ट्रक यूनियन हनुमानगढ़, पीलीबंगाा, रावतसर और सरदारशहर सहित कई स्थानों पर सदस्य धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। टोल नाका और कोहला समेत अन्य स्थानों पर यूनियनें आंदोलन के लिए एकजुट हो चुकी हैं। यदि जल्द ही प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।

ज्ञापन में जिला कलेक्टर से मांग की गई है कि परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और खनिज विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि जिले में किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने पाए। संघ ने कहा कि यदि यह समस्या तुरंत नहीं सुलझाई गई तो जिले की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और हजारों परिवार बेरोजगारी व भूखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यह केवल ट्रक मालिकों की समस्या नहीं है, बल्कि सरकार को मिलने वाला टैक्स भी बुरी तरह प्रभावित होगा। यदि जिले के दो हजार ट्रक बंद हो गए तो करोड़ों रुपए का राजस्व घाटा होगा। उन्होंने कोहला टोल नाका के सामने धरना लगाने की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौंपते समय ट्रक ऑपरेटरों ने आशा जताई कि जिला प्रशासन उनकी इस गंभीर समस्या पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और विभागों को सख्त निर्देश जारी करेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि हनुमानगढ़ में तुरंत ओवरलोडिंग पर रोक लगाई जाए ताकि जिले की परिवहन व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।

