





भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता की एक मजबूत आवाज गूंजी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हनुमानगढ़ जंक्शन में बाल कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यशाला में शिक्षाविद, विधि विशेषज्ञ और समाजसेवी एक मंच पर आए। उद्देश्य स्पष्ट था, बचपन, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखना। वक्ताओं ने कानून, स्वास्थ्य और सामाजिक नुकसान के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को बदलाव की अग्रिम पंक्ति में खड़े होने का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) चानन भार्गव ने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के बचपन को छीन लेता है, बल्कि उनके मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक विकास में भी बाधा डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाले ऐसे किसी भी मामले की तुरंत सूचना परिवार, विद्यालय या संबंधित अधिकारियों को दें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाल कल्याण समिति के सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक विजय सिंह चौहान ने कहा कि समाज में बदलाव तभी संभव है जब नई पीढ़ी जागरूक हो। उन्होंने बाल कल्याण समिति हनुमानगढ़ प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि बच्चों में कानूनी और सामाजिक जागरूकता बनी रहे।
विशिष्ट अतिथि पूर्व लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कानून के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बच्चों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कम उम्र में विवाह से कैसे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, शिक्षा में रुकावट और आर्थिक असुरक्षा पैदा होती है।

डाईट प्राचार्य मनोहर लाल बिस्सू ने कहा कि शिक्षा ही इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई को प्राथमिकता दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ निश्चय रखें।
वक्ताओं ने बच्चों को वास्तविक घटनाओं और दुर्घटनाओं के उदाहरण देते हुए बताया कि बाल विवाह से लड़कियों में मातृत्व मृत्यु दर बढ़ जाती है, शिशु मृत्यु दर अधिक होती है और पारिवारिक विवादों की संभावना भी बढ़ती है। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकगण, छात्र-छात्राएं और फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला का समापन सभी को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाकर किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुनीता यादव ने आभार जताया। मंच संचालन लोकेश सहारण ने किया।



