




भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के पास स्थित गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल का सभागार उस समय भावनाओं, जोश और देशभक्ति के स्वरों से गुंजायमान हो उठा, जब कारगिल युद्ध के नायक, परमवीर चक्र से अलंकृत कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव छात्रों के बीच पहुंचे। सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव की मौजूदगी मात्र ने ही पूरे परिसर को वीरता, प्रेरणा और देशप्रेम की भावना से भर दिया। कैप्टन यादव ने जब कारगिल युद्ध के संस्मरण सुनाए, तो मानो समय पीछे लौट गया। उन्होंने बताया कि वे महज 16 वर्ष की उम्र में भारतीय सेना से जुड़े और मात्र 19 वर्ष की आयु में देश के सर्वाेच्च वीरता पुरस्कार श्परमवीर चक्रश् से सम्मानित हुए।

कारगिल युद्ध की भीषण परिस्थितियों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे 17 गोलियां लगीं थीं, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। खुद से एक वादा किया था, जिंदा रहूं या नहीं, मगर भारत का सिर कभी झुकने नहीं दूंगा।’ उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने 5 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया। इस पर सभागार तालियों की गूंज से भर गया।
कार्यक्रम में जब उन्होंने युद्ध के दौरान अपने भीतर उठते विचार, डर और संकल्प साझा किए, तो वहां उपस्थित छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक सभी की आंखें नम हो उठीं। कई बार कैप्टन यादव स्वयं भी भावुक हुए, लेकिन उनके शब्दों ने भावनाओं से अधिक हौसले का संचार किया। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि कड़ी मेहनत, आत्मानुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता ही किसी भी सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने जीवन में कोई असंभव कार्य नहीं किया, बस अपने वादे से कभी पीछे नहीं हटा। कमिटमेंट ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है।’

कैप्टन यादव ने स्टूडेंटस को नसीहत दी कि वे अपने देश को सर्वाेपरि रखें और हमेशा एक सजग, जिम्मेदार व देशभक्त नागरिक बनने की ओर अग्रसर रहें। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया-‘तुम सब में एक-एक सैनिक छिपा है, जरूरत है तो सिर्फ उस सैनिक को जगाने की। अपने भीतर के डर को हराओ, सपनों को लक्ष्य में बदलो और भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान दो।’
इस मोटिवेशनल स्पीच कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने की। विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय के चेयरपर्सन दिनेश जुनेजा, डायरेक्टर एल.पी. जैन, एकेडमिक डायरेक्टर पंकज उप्पल, प्रशासक अनुराग छाबड़ा एवं प्राचार्या पी. अंतोनियम्माल सहित समस्त स्टाफ सदस्य एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने कैप्टन यादव से मिलकर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए और ऑटोग्राफ लेने की होड़ सी मच गई। उन्होंने धैर्यपूर्वक सबको संबोधित किया और ‘जय हिंद’ के नारे के साथ समापन किया, जो देर तक छात्रों के दिलों में गूंजता रहा। गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल में यह दिन न केवल एक मोटिवेशनल कार्यक्रम रहा, बल्कि देशभक्ति, साहस और आत्मबल का जीवंत पाठ भी बन गया। कैप्टन यादव की बातें और उनका जीवन-वृत्त हर युवा के लिए एक अमिट प्रेरणा है, ‘कोई भी लड़ाई बाहर नहीं, पहले अपने भीतर जीती जाती है।’



