





भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा वितपोषित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ में स्वीकृत किया गया है। जिसके तहत चल रहे सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। मुख्य अतिथि डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर रमेश चन्द्र बराला व कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया से डॉ. अनूप कुमार का वाईस चांसलर प्रो. डॉ. आर ए मीणा, रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला, डॉ. मंगला राम बाजिया, डॉ. अंकित ने बुके देकर स्वागत अभिनन्दन किया। मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण ले रहे 25 प्रशिक्षणार्थियों को सर्टिफिकेट एवं किट देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर रमेश चन्द्र बराला ने कहा कि ये सात दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए एसकेडीयू का आभार व्यक्त करता हूँ। उम्मीद है की आपने यहाँ प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखा होगा। इस प्रशिक्षण का भविष्य में आपको अवश्य ही लाभ मिलेगा ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है। डॉ. अनूप कुमार ने मधुमखी पालन से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षक किशोर कुमार ने बताया कि एसकेडीयू में यह सात दिवसीय प्रशिक्षण बहुत ही अच्छे तरीके से आयोजित किया गया डॉ. मंगला राम बाजिया द्वारा हमे बहुत अच्छे से प्रशिक्षण देकर सिखाया गया। बाहरी जिलों एंव राज्यों से भी प्रशिक्षकों ने हमसे विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से मधुपालन से सम्बंधित जानकारी साझा की।
पूर्व आईजी गिरीश चावला ने कहा कि किसान की कृषि के अलावा मधुमक्खी पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय होगी जिससे उसे आर्थिक संबल मिलेगा राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा वितपोषित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले के किसानों व मधुमक्खी पालकों के लिए यह वरदान साबित होगा। जसराम बी कीपर ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से हमे बहुत कुछ सीखने को मिला है। मैं 11 साल से मधुमखी पालन का कार्य कर रहा हूँ पर मैंने प्रशिक्षण अब लिया है। जो प्रशिक्षण श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के माध्यम से संभव हो पाया है। मन संचालन सिमरन बलाना, डॉ. मीनल, शालिनी चौहान ने किया।



