





भटनेर पोस्ट एजुकेशन डेस्क.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित बैंको कॅरिअर अकेडमी ने एक बार फिर अपनी सफलता की गाथा लिखी है। हाल ही में घोषित एसबीआई क्लर्क ग्रेड परीक्षा के परिणामों में इस संस्थान के 16 विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जिससे अकेडमी के परिसर में जश्न का माहौल बन गया। अकेडमी के डायरेक्टर संदीप चौधरी ने बताया कि इस वर्ष चयनित अभ्यर्थियों में आरज़ू गोदारा, ज्योति कंसल, खुश्बू कंसल, आराधना गहलोत, यश जोशी, अंकित सिंगला, सौरभ स्वामी, नेहा वालेचा, अरविंद शर्मा, प्रियंका कस्वां, हरमनप्रीत कौर, अजय भाखर, दीपक, जतिन, विकास आदि शामिल हैं।
इस उपलक्ष्य में आयोजित अभिनंदन समारोह में डायरेक्टर संदीप चौधरी व संदीप बिश्नोई के साथ अरविंद शर्मा, इरफ़ान ख़ान, विनोद सांखला, कपिल सोनी, विनोद कश्यप, राजेश शर्मा व साहिल छींपा सहित कई फैकल्टी सदस्यों ने सफल छात्रों को बधाई दी और मिठाई बांटकर उनकी मेहनत का उत्सव मनाया।
डायरेक्टर संदीप चौधरी ने कहा, ‘बैंको का उद्देश्य केवल नौकरी दिलवाना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को दिशा देना है। हमारी टीम ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि हर छात्र की व्यक्तिगत कमजोरी को पहचान कर उस पर काम किया जाए। यह 16 विद्यार्थियों की सफलता पूरे हनुमानगढ़ के लिए गर्व की बात है। मैं इस सफलता को हमारी मेहनती फैकल्टी, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और छात्रों के आत्मविश्वास का प्रतिफल मानता हूं।’
संदीप बिश्नोई ने कहा कि आज मिली सफलता एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं। आने वाले समय में और ऊंची उड़ान भरनी है।।
सफल अभ्यर्थी आरज़ू गोदारा ने संस्मरण साझा करते हुए कहा, ‘मैंने हर दिन 6-8 घंटे की पढ़ाई की, जिसमें बैंको की मॉक टेस्ट सीरीज़ सबसे अधिक सहायक रही। डेली करंट अफेयर्स का रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट मेरे लिए सफलता की कुंजी रहे। सबसे बड़ी बात थी, आत्मविश्वास बनाए रखना।”
यश जोशी ने कहा, ‘मैं पिछले दो वर्षों से तैयारी कर रहा था। संदीप सर ने जब कहा था कि ‘जो ठान लो, वही मंज़िल बन जाता है’, उसी दिन से मेरी तैयारी में निखार आ गया। रीजनिंग और मैथ्स के सेशन ने मेरी सोचने की क्षमता को बहुत तेज़ किया।’
ज्योति कंसल ‘मुझे कई बार लगा कि मैं फेल हो जाऊंगी, लेकिन बैंको की मोटिवेशन क्लासेज़ और खास तौर पर गुरुजनों के शब्द ‘तुम खुद पर भरोसा रखो, बाकी हम देख लेंगे’, मुझे हर बार उठा लेते थे। मैंने नोट्स स्वयं बनाए और हर संडे टेस्ट अनिवार्य किया।”
अरविंद शर्मा ने कहाकि बैंको केवल एक अकेडमी नहीं, मेरे लिए परिवार है। मैंने यहां पढ़ाया भी और सीखा भी। विद्यार्थियों के साथ खुद की तैयारी को लेकर भी मैं सजग रहा। क्लासरूम में डाउट्स डिस्कशन, फ्री एक्सेस लाइब्रेरी और टार्गेट बेस्ड स्टडी का बड़ा योगदान रहा। मुझे गर्व है कि मैं यहां का हिस्सा हूं।






